अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र भंडारी ने अपनी बेटी की हत्या से बिल्कुल टूट गए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी बेटी की हत्यारोपियों को फांसी नहीं मिलती वह लक्ष्मणझूला थाने से वापस नहीं जाएंगे। अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र भंडारी ने थाने में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि उनकी बेटी 28 अगस्त को वनंत्रा रिसोर्ट में नौकरी करने के लिए आई थी।
उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को पूर्व राज्य मंत्री के बेटे पुलकित आर्य और उसके साथियों ने मार दिया। जब तक उनकी बेटी के हत्यारोपियों को मौत की सजा नहीं मिलती है तब तक वह थाने से घर वापस नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी नौकरी कर परिवार की आर्थिक मदद करना चाहती।
इसलिए उन्होंने उसको नौकरी के लिए गंगा भोगपुर स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट भेजा था। लेकिन उनको पता नहीं था कि मेरी बेटी के साथ ऐसी दुर्घटना हो जाएगी। उन्होंने बताया कि अंकिता उनकी लाडली बेटी थी, वह उनकी और परिवार की चिंता करती थी।