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Ankita Murder Case: फैसले के दौरान दिखा लोगों का आक्रोश, तोड़ी बैरिकेडिंग, पुलिस ने पानी की बौछार कर खदेड़ा

Sat, 31 May 2025 10:03 AM IST
शाहरुख खान चंद्रमोहन शुक्ला, अमर उजाला, कोटद्वार

सार

अंकिता हत्याकांड में फैसले के दौरान लोगों में आक्रोश दिखाई दिया। गुस्साए लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। दिनभर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की चलती रही। पुलिस ने पानी की बौछार कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष और पूर्व जिलाध्यक्ष चोटिल हो गए।
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ankita bhandari murder case - फोटो : संवाद
उत्तराखंड के ऋषिकेश में हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड के फैसले को देखते हुए जिला पुलिस और प्रशासन की ओर से कोर्ट के चारों ओर हर सड़क पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। विभिन्न संगठनों के लोग बैरिकेडिंग के समक्ष हत्यारोपियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते रहे। 

कई बार प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई। सिमलचौड़ में सुखरो पुल की ओर आरटीओ चौराहे के समीप प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग का एक हिस्सा तोड़कर भीतर घुसने का प्रयास किया, जिस पर पुलिस ने दो बार पानी की बौछार कर भीड़ को तितर-बितर किया। 
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एआरटीओ चौराहा में बैरिकेडिंग के भीतर घुसने का प्रयास करते प्रदर्शनकारियों को रोकते पुलिसकर्मी - फोटो : संवाद
पुलिस ने बैरिकेडिंग पार कर कोर्ट परिसर की ओर जा रही यूकेडी नेता उर्मिला रावत समेत तीन महिलाओं को हिरासत में लेकर वैन में बंद कर दिया। वहीं, देवीरोड की ओर कोर्ट के समीप ही की गई बैरिकेडिंग पर प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष और पूर्व जिलाध्यक्ष घायल हो गए। जबकि महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला बैरिकेडिंग पर चढ़कर अंदर पहुंच गई। कोर्ट का फैसला आने तक महिला पुलिस कर्मी लगातार उन पर नजर बनाए रहे। 
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एआरटीओ चौराहे पर लगी बैरिकेडिंग के भीतर घुसी प्रदर्शनकारी उर्मिला रावत को दबोचते पुलिसकर्मी - फोटो : संवाद
पुलिस ने लगाई हर मार्ग पर बैरिकेडिंग
शुक्रवार को अंकिता हत्याकांड के फैसले को लेकर जस्टिस फॉर अंकिता कमेटी, महिला पतंजलि योग समिति, कांग्रेस, यूकेडी, उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा, उत्तराखंड बेरोजगार संगठन, उत्तराखंड महिला मंच समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के साथ ही श्रीनगर, पौड़ी, देहरादून, रामनगर, ऋषिकेश, हल्द्वानी समेत अन्य कई जगहों से बड़ी संख्या में लोग कोटद्वार पहुंचे। लेकिन पुलिस ने कोर्ट परिसर के चारों ओर के हर मार्ग पर बैरिकेडिंग लगा किसी को भी भीतर नहीं जाने दिया।

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एआरटीओ चौराहे पर लगी बैरिकेडिंग का एक हिस्सा उखाड़कर ले जाते प्रदर्शनकारी - फोटो : संवाद
जिस पर अदालत के पूर्वी छोर तड़ियाल चौक वाली दिशा और एआरटीओ चौराहे वाले बैरिकेडिंग के सामने दिनभर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर हत्यारोपियों को फांसी देने की मांग करते रहे। 
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आरटीओ चौराहे के समीप बैरिकेडिंग में चढ़ती महिला प्रदर्शनकारी - फोटो : संवाद
बैरिकेडिंग पर लगे तार से पूर्व जिलाध्यक्ष जख्मी
सुबह करीब 11:30 बजे अचानक ही पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की नोकझोंक हुई। जिसके बाद यूथ कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष अमितराज और महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला बैरिकेडिंग पर चढ़ने लगे। पुलिस ने पूर्व जिलाध्यक्ष अमितराज को बैरिकेडिंग से नीचे खींच लिया, जिससे बैरिकेडिंग पर लगे तार से उनका हाथ जख्मी हो गया। वहीं ज्योति रौतेला बैरिकेडिंग पर चढ़कर भीतर आ गई। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता फिर नारेबाजी करते लगे और भीतर घुसने का प्रयास करने लगे। 
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एआरटीओ चौराहा में बैरिकेडिंग के भीतर घुसने का प्रयास करते प्रदर्शनकारियों को रोकते पुलिसकर्मी - फोटो : संवाद
इस दौरान एक पुलिस कर्मी ने यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय रावत पर लाठी से वार कर दिया। इसके बाद पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही। वहीं आरटीओ तिराहे के समीप दोपहर 1:00 बजे अचानक ही प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग का एक हिस्सा तोड़ दिया। 
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बैरिकेडिंग के समक्ष अंकिता को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन करते कांग्रेस कार्यकर्ता - फोटो : संवाद
तीन महिलाओं को जबरदस्ती वैन में डाल दिया 
प्रदर्शनकारियों के भीतर घुसने के प्रयास को देखते हुए पुलिस ने अग्निशमन विभाग की गाड़ी से पानी को बौछार कर उन्हें तितर-बितर किया। कुछ देर बाद हो प्रदर्शनकारी पुनः उग्र हो गए, जिस पर पुलिस ने फिर पानी की बौछार से उन्हें तितर-बितर किया।

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देवीरोड में अदालत के पूर्वी छोर पर बनाए गए बैरिकेडिंग पर प्रदर्शनकारियों को रोकती पुलिस - फोटो : संवाद
इस दौरान यूकेडी नेता उर्मिला रावत, सरस्वती देवी समेत तीन महिलाएं भीतर घुस गई, जिस पर पुलिस ने उन्हें जबरदस्ती वैन में डाल दिया। इस दौरान सीओ निहारिका सेमवाल और कोतवाल रमेश तनबार ने कई बार प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। कोर्ट के निर्णय आने के बाद ही भीड़ शांत हुई।
 

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बैरिकेडिंग पर चढ़ी महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला - फोटो : संवाद
अंकिता भंडारी के तीनों हत्यारों को कठोर उम्र कैद की सजा व 50 हजार का जुर्माना
उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) रीना नेगी की अदालत ने शुक्रवार को अपना फैसला दे दिया है। अदालत ने तीनों हत्यारोपियों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) में कठोरतम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
 

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अंकित भंडारी हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
तीनों आरोपियों को धारा 201 (साक्ष्य छुपाना) में पांच साल का कठोर कारावास व दस-दस हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया है। अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत भी तीनों आरोपी दोषसिद्ध पाए गए हैं, जिसमें तीनों को पांच-पांच साल का कठोर कारावास व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। 

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अंकिता भंडारी हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
पुलकित आर्य को धारा 354 (ए) (छेड़खानी व लज्जा भंग) में भी दोषी पाते हुए दो वर्ष का कठोर कारावास व 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अदालत ने मृतका के माता पिता को चार लाख रुपये बतौर प्रतिकर भुगतान करने के निर्देश सरकार को दिए हैं। बीती 19 मई को एडीजे कोर्ट ने अंकिता हत्याकांड मामले की सुनवाई पूरी करते हुए फैसले के लिए 30 मई की तिथि निर्धारित की थी। 
 

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अंकिता भंडारी हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार के फैसले को देखते हुए सरकार, पुलिस और प्रशासन की ओर से अदालत परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। करीब साढे़ दस बजे अदालत की कार्यवाही शुरू हुई। अदालत ने सजा के प्रश्न पर दोनों पक्षों को सुना। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अवनीश नेगी, अभियोजन अधिकारी राजीव डोभाल उपस्थित रहे, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता जितेंद्र सिंह रावत उपस्थित थे। तीनों हत्यारोपी अपनी जेलों से अदालत में लाए गए।

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अंकिता भंडारी हत्या मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला - फोटो : संवाद
47 गवाह, 236 साक्ष्य, कोर्ट ने 160 पेज में लिखा फैसला
अंकिता भंडारी हत्याकांड में करीब दो माह आठ माह तक न्यायालय में चली कार्यवाही के दौरान 47 गवाहों की गवाही कराई गई। जबकि कुल 260 साक्ष्यों को पेश किया गया। बचाव पक्ष की ओर से भी गवाहों की गवाही हुई और नौ साक्ष्यों को अदालत में रखा गया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने शुक्रवार को इस मामले में कुल 160 पन्नों में इस फैसले को लिखा।

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अंकिता भंडारी हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
इस मामले में एसआईटी की ओर से 16 दिसंबर को कुल 500 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई थी। इसमें उस वक्त कुल 97 गवाह बनाए गए थे। जबकि, अदालत में कुल 47 गवाहों की गवाही अभियोजन ने कराई। इसके सापेक्ष बचाव पक्ष की ओर से कुल चार गवाह ही आरोपियों के पक्ष में पेश किए। 

 

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अंकिता भंडारी हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
अभियोजन की ओर से मुकदमे में तहरीर, फोटो आदि कुल 130 दस्तावेजी साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किए। इसके साथ ही 106 वस्तु साक्ष्यों को अदालत में दिखाया गया। जहां तक बचाव का सवाल है तो उनकी ओर से इस मामले में नौ दस्तावेजी साक्ष्य अदालत को रखकर आरोपियों की बेगुनाही साबित करनी चाही। मगर, अभियोजन की लंबी दलीलों और इन साक्ष्यों के बल पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुना दी।

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अंकित भंडारी हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
अदालतों की 30 से ज्यादा नजीरों को किया गया पेश
इस मुकदमे में बचाव और अभियोजन की ओर से सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट की 30 से ज्यादा नजीरों को पेश किया गया। इनमें कुछ विधि व्यवस्थाएं भी शामिल थीं। इनमें अभियोजन की ओर से 20 फैसलों को नजीर के रूप में पेश किया। 

 
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अंकिता भंडारी हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
जबकि, बचाव पक्ष की ओर से ऐसी 10 से ज्यादा नजीरें और विधि व्यवस्थाओं पर विश्वास करते हुए अदालत के सामने तर्क रखे। मगर, अभियोजन की ओर से पेश की गई नजीर उनके तथ्यों को बल देती नजर आईं। जबकि, बचाव की दलीलों और नजीरों के सापेक्ष अभियोजन की ओर से दिए गए तर्क ज्यादा मजबूत पाए गए।

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