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Ankita Murder Case: अंकिता की गुमशुदगी और मौत को उसके दोस्त के सिर मढ़ना चाह रहा था पुलकित, सुनाई थी ये कहानी

Fri, 30 Sep 2022 04:17 PM IST
अलका त्यागी जितेंद्र जोशी, अमर उजाला, ऋषिकेश
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आरोपी पुलकित आर्य - फोटो : अमर उजाला
अंकिता की गुमशुदगी और फिर मौत की कहानी को पुलकित बड़ी चालाकी से पुष्प के साथ जोड़ना चाह रहा था। उसने तहरीर में लिखा है कि अंकिता तनाव में है और घंटों अपने दोस्त पुष्प से बात करती है। शव मिलता तो शायद इसे आत्महत्या करार दिया जाता।

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मौत से कुछ घंटे पहले अंकिता और पुष्प की करीब 22 मिनट की बातचीत हुई थी। इससे भी पुुलिस का शक पुष्प पर ही जाता। पुलकित ने 17 सितंबर को ओएलएक्स पर महिला कर्मचारियों की भर्ती के लिए विज्ञापन भी डाला था।

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यह भी कहीं न कहीं इशारा करता है कि पुलकित,  अंकिता को हटाना भी चाह रहा था। घटना से ठीक एक दिन पहले महिला कर्मचारियों की भर्ती के विज्ञापन डालना भी आरोपियों की बुनी कहानी पर भी संदेह पैदा कर रहा है।
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पुलकित आर्य और अंकिता भंडारी - फोटो : अमर उजाला
अंकिता हत्याकांड घटना थी या साजिश, इससे अभी पर्दा उठना बाकी है, लेकिन मामले में रोज हो रहे खुलासों से साजिश की आशंका गहराती जा रही है। अंकिता 18 सितंबर की शाम से लापता थी, लेकिन पुलकित आर्य ने तहरीर 20 सितंबर को दी।
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अंकिता भंडारी हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
उसने जिस तरह से तहरीर लिखी, उसमें वह पुष्प को संदेह के घेरे में लाना चाह रहा था। पुलकित ने तहरीर में बताया है कि अंकिता शुरू में अच्छे से काम कर रही थी, लेकिन अचानक कुछ दिनों से फोन पर अधिक समय बिताने के चलते उसका मन काम में नहीं लग रहा था। उसने समस्याओं को लेकर उसके पिता से बात करने के लिए नंबर मांगा तो वह परेशान हो गई और रोने लगी। जबकि, अंकिता के पिता का नंबर रिजॉर्ट में लिखा हुआ था। वे ही उसे छोड़ने के लिए रिजॉर्ट आए थे।

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अंकिता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
पुलकित ने तहरीर में यह बात छिपाई। तहरीर में बताया कि वापस लौटते समय अंकिता ने अपने मित्र पुष्प से भी बात की। तहरीर में सीधे तौर पर अंकिता के मानसिक तनाव के बाद लापता होने की बात पर जोर दिया गया था।
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अंकिता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
गुमशुदगी के बाद जब पुलिस उसकी तलाश करती तो कुछ दिन बाद लाश मिल भी जाती, लेकिन तब शायद इसे आत्महत्या मान लिया जाता। यह बात पुलकित के मनमुताबिक भी हो जो जाती। अंकिता के मोबाइल पर अंतिम कॉल पुष्प की ही थी। बातचीत भी 22 मिनट की है। ऐसे में इसे आसानी से आत्महत्या सिद्ध भी किया जा सकता था।
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