बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की बैठक के दौरान उन्होंने अपनी बात रखी। वहां उन्होंने एक ऐसी बात कह दी कि जिससे कार्यकर्ताओं का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।
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amit shah
एक बैठक के दौरान पदाधिकारियों को यह कहकर डांट पिलाई कि वे किसी पर हंसे मत। वह यहां किसी का उपहास उड़ाने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि किसी को भी डरने या हिचकने की आवश्यकता नहीं है। जिसे जो कहना है कि वह कह डाले।
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amit shah in dehradun
काफी कुछ कहने के लिए लोग उनके पास दिल्ली आते हैं, आज वह उनके पास पहुंचे हैं। वह सुनाने नहीं सुनने आए हैं। शाह ने यह डांट तब पिलाई जब एक पदाधिकारी अपनी बात कह रहे थे और शाह ने उन्हें बीच में टोकते हुए सलाह दी कि वे बात को लंबा खींचने के बजाय सीधे मुद्दे पर आएं और अपनी बात कहें।
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amit shah
जब उन्होंने यह नसीहत पिलाई तो सभागार में ठहाका गूंज गया। शाह को यह नागवार गुजरा। तुरंत उन्होंने प्रतिक्रिया दी कि वह किसी का उपहास उड़ाने नहीं आए जो लोग हंस रहे हैं। शाह ने बगैर थके ताबड़तोड़ बैठकें निपटाई।
बैठक के दौरान अनुशासन की कमान उन्होंने खुद अपने हाथों में थाम रखी थी। उनके आदेश पर केवल उन्हीं लोगों को बैठक में आने की इजाजत दी गई जिनसे संबंधित बैठक थी। कतिपय पदाधिकारियों ने बैठक में घुसने का प्रयास किया तो उन्हें बेहद सख्ती के साथ मना कर दिया गया।