शिवालय में शिवलिंग के साथ जलेरी (शिवलिंग पर अर्पित जल या दूध की निकासी का मार्ग) होना आम बात है, लेकिन भोलेनाथ का एक मंदिर ऐसा भी है जहां जलेरी नहीं है। जाखणीधार क्षेत्र के प्राचीन देवलसारी महादेव मंदिर में कुदरत का ऐसा अनोखा चमत्कार देखने को मिलता है। जलेरी नहीं होने से इस मंदिर की आधी नहीं, बल्कि पूरी परिक्रमा की जाती है।