अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह
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12वीं में 97.8 फीसदी अंक के साथ मैंने जिले में तीसरी रैंक पाई है। लेकिन असली सफर तो अब शुरू हो रहा है। आगे भी ऐसी ही सफलता मिले इसके लिए बहुत मेहनत करने के साथ ही मन लगाकर पढ़ाई करनी है। मुझे साॅफ्टवेयर इंजीनियर बनना है। इसलिए अब रुकना नहीं है।
- आशुतोष व्यास, टिहरी गढ़वाल
10वीं में 97 फीसदी अंक के साथ मुझे जिले में तीसरी और प्रदेश में 10वीं रैंक मिली है। सम्मान समारोह में मम्मी के साथ आई हूं। कोरोना से पापा की डेथ हो गई थी, लेकिन मेरे ताऊ रेंजर गंभीर सिंह धमाना ने मुझे कमजोर नहीं होने दिया। मुझे ह्रदय रोग विशेषज्ञ बनना है, इसके लिए नीट की तैयारी करनी है।
-आस्था धमाना, देहरादून
मुझे 10वीं में 97.4 फीसदी अंक मिले हैं। जिले में पहली और प्रदेश में आठवीं रैंक आई है। कैंसर की वजह से 2018 में मेरे पापा की डेथ हो गई थी। मेरे चाचा और बुआ मेरा बहुत सहयोग करते हैं। मैं सिविल सर्विसेज में जाना चाहती हूं। आईएएस ऑफिसर बनकर देश की सेवा करना चाहती हूं। आगे का रास्ता बहुत मुश्किल है, लेकिन मेहनत करके सफलता पानी है।
- हिमांशी रावत, देहरादून