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अब रुक सकेगी भारत में बाढ़ से होने वाली तबाही, आपदा से पहले ही मिल जाएगा अलर्ट

Thu, 12 Apr 2018 05:09 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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flood
भारत में बाढ़ से होने वाली तबाही को अब आसानी से रोका जा सकेगा। वैज्ञानिकों की इस कोशिश के बाद इसके बारे में पहले ही अलर्ट मिल जाएगा।
 
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survey of india
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का नदियों को जोड़ने का ड्रीम प्रोजेक्ट अब धरातल पर उतर रहा है। भारतीय सर्वेक्षण विभाग ने नेशनल हाइड्रोलॉजी प्रोजेक्ट के तहत नदियों की मैपिंग शुरू कर दी है। इससे यह पता चल रहा है कि किस नदी में कहां पानी है और कहां नदी सूखी है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि एक नदी को दूसरी से कहां से जोड़ा जाए। इसके साथ ही इस मैपिंग से एक फायदा और होगा कि बाढ़ के संबंध में पता चल जाएगा। इससे प्रभावित होने वाले क्षेत्र में पहले से अलर्ट जारी करके तबाही रोकी जा सकेगी।
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flood - फोटो : amarujala
मंगलवार को भारतीय सर्वेक्षण विभाग में राष्ट्रीय सर्वेक्षण दिवस का आयोजन किया गया। इस मौके पर भारत के महासर्वेक्षक लेफ्टीनेंट जनरल गिरीश कुमार ने बताया कि नदियों का आंकड़ा एकत्र किया जा रहा है। इसे डिजिटलाइज भी किया जाएगा। इसके साथ ही जल संसाधन की भी मैपिंग की जाएगी। इससे पानी के संबंध में पूरा डाटा उपलब्ध रहेगा। उन्होंने बताया कि पहले 50 हजार स्केल आकर पर मैपिंग की जाती थी। अब 25 और 10 हजार स्केल आकार पर मैपिंग की जा रही है। इससे छोटी-छोटी चीजें भी स्पष्ट हो जाती हैं। 50 हजार स्केल पर बारीक चीजें नहीं आ पाती थीं।

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इसके साथ ही पानी के स्तर, पहाड़ के स्तर और समुद्र स्तर की भी जानकारी मिलेगी। उन्होंने बताया कि स्केल कम कर दिए जाने से अब नदी बेसिन के नाले भी स्पष्ट हो जाते हैं। इसके साथ यह भी पता चलता है कि नदियों के बाढ़ का पानी किन आबादी वाले इलाकों की गलियों आदि में जा सकता है। उन्होंने बताया कि भारतीय सर्वेक्षण विभाग ने अपनी स्थापना के ढाई सौ साल पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अपर महानिदेशक नवीन तोमर, निदेशक धीरज साहा, मैनेजर मधुकर तिवारी, संजय गर्ग, योगेश अग्रवाल आदि रहे।
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disaster
भारत के महासर्वेक्षक लेफ्टीनेंट जनरल गिरीश कुमार ने बताया कि देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को डिजिटलाइज कर दिया गया है। इसकी मॉनीटरिंग सेटेलाइट से होगी। इसके बाद ग्राउंड सर्वेयर उसे जाकर देखेंगे। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश की सीमा को रेखांकित कर दिया गया है। इस पर खंभे लगा दिए गए हैं। इससे लोगों को और सुरक्षा एजेंसियों को सरहद के संबंध में जानकारी मिलेगी।  
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