लक्ष्मी पूजन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त सुबह सूर्योदय से शुरू होकर दोपहर 12.17 बजे तक रहेगा। वेद-पुराणों के अनुसार इस दिन जो भी शुभ कर्म किए जाते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है। इसी कारण इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन बिना कोई पंचांग देखे कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य जैसे विवाह, यज्ञोपवीत, नामकरण, मुंडन, गृह प्रवेश, घर-भूखंड आदि की खरीदारी से संबंधित कार्य किए जा सकते हैं।