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उत्तराखंड के इन जिलों में बढ़ी एड्स रोगियों की संख्या

Thu, 01 Dec 2016 03:46 PM IST
अनिल चन्दोला/ अमर उजाला, देहरादून
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एड्स - फोटो : NACO
प्रदेश के चार जिलों में एड्स रोगियों की संख्या बढ़ गई है। अक्तूबर तक हुई जांच में यहां पिछले साल की तुलना में ज्यादा मरीज सामने आए हैं।
 
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लोग एड्स को लेकर नहीं हैं जागरूक
चमोली जिले में रोगियों की संख्या में सबसे ज्यादा इजाफा हुआ है। यहां पिछले साल के मुकाबले सात गुना ज्यादा मरीजों की पुष्टि हुई है, जो 2011 से अब तक सबसे ज्यादा है। इसके अलावा चंपावत, हरिद्वार और टिहरी में भी मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है।
 
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HIV
स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी (साको) से मिली जानकारी के अनुसार चमोली में इस वर्ष (अप्रैल से अक्तूबर तक) 21 रोगियों में एड्स की पुष्टि हुई है, जबकि जिले में पिछले पूरे साल में केवल तीन ही रोगी मिले थे। इससे पहले 2011-12 में जिले में सबसे ज्यादा 17 रोगी मिले थे।
 

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HIV
इस वर्ष अप्रैल से अक्तूबर तक चंपावत में 10,  हरिद्वार में 76 और टिहरी गढ़वाल में आठ रोगियों में एड्स मिला है। जबकि 2015-16 में चंपावत में नौ, हरिद्वार में 75 और टिहरी गढ़वाल में पांच रोगियों में एड्स की पुष्टि हुई थी।
 
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डेमो पिक: एचआईवी संक्रमित - फोटो : Getty
सबसे ज्यादा 207 मरीज राजधानी देहरादून में मिले हैं। पिछले वर्ष यहां कुल 306 मरीजों में एचआईवी की पुष्टि हुई थी। इसके अलावा अल्मोड़ा में आठ, बागेश्वर में चार, नैनीताल में 80, पौड़ी गढ़वाल में 11, पिथौरागढ़ में 16, रुद्रप्रयाग में दो, ऊधमसिंह नगर में 48 और उत्तरकाशी में पांच रोगियों में एचआईवी पॉजिटिव मिला है। प्रदेश में अक्तूबर तक कुल 499 रोगियों में एड्स पाया गया, जबकि पिछले वर्ष कुल 729 रोगी इससे ग्रसित थे। 
 
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लोग एड्स को लेकर नहीं हैं जागरूक
चिकित्सा विज्ञान में आज भी एचआईवी एड्स का इलाज नहीं खोजा जा सका है। दवाओं के इस्तेमाल में मरीज का जीवन कुछ समय तक बचाया जा सकता है, लेकिन रोग मुक्त नहीं किया जा सकता। 

सभी जिलों में जांच और केयर सपोर्ट एंड ट्रीटमेंट सेंटर खोले गए हैं। इसके अलावा 16 लिंक एटीआर केंद्र भी खोले गए हैं। मरीजों को सभी तरह का इलाज निशुल्क दिया जा रहा है। 
- डा. विनोद टोलिया, अपर परियोजना निदेशक, साको
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