जुयाल ने सोसाइटी के अधिकारियों को बताया था कि इस भूमि को ताहिरा बिंबट (अमृता की मौसी) ने बेचने का अधिकार उन्हें दिया हुआ है। इस आधार पर इस भूमि का सौदा कुल 39 करोड़ रुपये में हुआ था, जिसके बयाने के तौर पर यह राशि उन्हें ट्रांसफर कर दी गई लेकिन, जब बैनामे की बारी आई तो दिनेश जुयाल उन्हें टालने लगा।