दिल्ली-कानपुर हाईवे (एनएच-91) पर मां-बेटी से गैंगरेप मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों में से दो को कोर्ट ने सोमवार को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर दिया।
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- फोटो : अमर उजाला
29 जुलाई की रात नोएडा से शाहजहांपुर जा रहे दो परिवारों को एनएच-91 पर दोस्तपुर गांव के निकट बंधक बनाकर 7-8 लोगों ने मां-बेटी के साथ गैंगरेप किया।
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पीड़ित परिवार की शिनाख्त पर पुलिस ने सुतारी निवासी रईस, हापुड़ निवासी शावेज और रबूपुरा निवासी जबर सिंह को गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को पुलिस ने दो आरोपियों जबर सिंह और शावेज की 10 दिन की रिमांड मांगते हुए कोर्ट को प्रार्थनापत्र दिया था।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच अपर जिला व सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या द्वितीय(पॉक्सो एक्ट) के पीठासीन अधिकारी ध्रुव कुमार तिवारी के न्यायालय में पेश किया गया।
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रिमांड पर बहस होने के बाद न्यायाधीश ने दोनों को 72 घंटे की रिमांड पर भेजने का फैसला दिया। अब पुलिस जबर व शावेज से उगलवाएगी बाकी आरोपियों का पता।
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बयान देने कोर्ट नहीं पहुंचीं मां-बेटी : किशोरी की तबियत खराब होने के कारण गैंगरेप पीड़िता मां-बेटी सोमवार को मजिस्ट्रेट के सामने बयान देने बुलंदशहर नहीं पहुंचीं।
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‘बिटिया’ की तबीयत बिगड़ी, बयान देने नहीं गया परिवार : बुलंदशहर गैंगरेप पीड़ित परिवार की परेशानी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार को पीड़ित किशोरी की तबीयत फिर बिगड़ गई। इसके चलते परिवार बयान दर्ज कराने बुलंदशहर नहीं जा सका। पिता के अनुसार पूरी तरह ठीक होने के बाद ही अब वह लोग बयान दर्ज कराने जाएंगे।
पीड़ित किशोरी के पिता ने बताया कि सोमवार सुबह बेटी की तबीयत अचानक खराब हो गई। बुलंदशहर से एक पुलिसकर्मी का फोन आया और बयान दर्ज कराने के संबंध में आने के बारे में पूछा। पिता ने पुलिसकर्मी को बेटी की तबीयत खराब होने की जानकारी दी, तो उसने तबीयत ठीक होने के बाद बुलंदशहर आने के लिए कहा। पिता ने बताया कि बेटी को दोपहर बाद पास के निजी अस्पताल से दवा दिलाकर लाए हैं। डॉक्टर ने उसे आराम करने की सलाह दी है। बेटी की हालत में सुधार आने के बाद अब बुलंदशहर जाएंगे।
काउंसलर नहीं पहुंचे, परिवार ने किया आराम : उधर, सोमवार को पीड़ित परिवार के घर काउंसलर भी नहीं पहुंचे, जिस पर पिता ने संतुष्टि जताई। उन्होंने कहा कि काउंसलरों को परिवार को भी बातचीत का समय देना चाहिए। काउंसलिंग के साथ परिवार के लोगों का साथ भी बेटी और मां के लिए जरूरी है।