इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का फैसला एशेज के बाद से उनके मन में था। मानसिक और शारीरिक थकान, लगातार चोटों और जिम्मेदारियों के दबाव के कारण उन्होंने यह कदम उठाया। स्टोक्स अब घरेलू क्रिकेट खेलते रहेंगे और अपने करियर से पूरी तरह संतुष्ट हैं।
इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के अपने फैसले के पीछे की वजहों का खुलासा किया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के चौथे दिन संन्यास की घोषणा करने वाले स्टोक्स ने कहा कि यह फैसला किसी एक घटना की वजह से नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रही मानसिक और शारीरिक थकान का परिणाम था। उन्होंने कहा कि यह कदम उन्हें क्रिकेट से अपना प्यार बनाए रखने में मदद करेगा और यही इस समय उनके लिए सबसे सही फैसला है।
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बेन स्टोक्स
- फोटो : @englandcricket
'यह फैसला मेरे लिए सबसे बेहतर है'
बेन स्टोक्स ने स्काई स्पोर्ट्स से बातचीत में कहा कि यह फैसला भले ही लोगों को स्वार्थी लगे, लेकिन मौजूदा समय में यही उनके लिए सबसे अच्छा है। उन्होंने कहा, 'हो सकता है यह फैसला कुछ लोगों को स्वार्थी लगे, लेकिन इस समय मेरे लिए यही सबसे बेहतर है। मुझे उम्मीद है कि यह टीम के लिए भी अच्छा साबित होगा। साथ ही मुझे विश्वास है कि इसी फैसले की वजह से मैं उस खेल से प्यार करना जारी रख पाऊंगा, जिसने मुझे जीवन में इतना कुछ दिया है।' स्टोक्स का अंतरराष्ट्रीय करियर सोमवार को समाप्त होगा। 15 वर्षों के करियर में उन्होंने इंग्लैंड के लिए 122 टेस्ट, 114 वनडे और 43 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले।
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स्टोक्स और मैकुलम
- फोटो : Twitter
एशेज के बाद पहली बार आया था संन्यास का ख्याल
स्टोक्स ने साफ किया कि उनका फैसला हाल ही में हुई अनुशासनात्मक घटना की वजह से नहीं था। न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले लंदन के एक नाइटक्लब में हुई घटना के कारण उन्हें टीम से बाहर रखा गया था, लेकिन उन्होंने कहा कि संन्यास का विचार उससे काफी पहले उनके मन में आ चुका था। उन्होंने बताया, 'लॉर्ड्स टेस्ट ने मुझे फिर से वही नकारात्मक एहसास दिलाया, जो एशेज दौरे के बाद महसूस हुआ था। ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद मैंने खुद को बेहतर बनाने के लिए बहुत मेहनत की। मुझे लगा था कि मैं सही दिशा में जा रहा हूं, लेकिन उस प्रक्रिया में मैंने खुद को पूरी तरह थका दिया।' स्टोक्स ने कहा कि पिछले कुछ सप्ताह की घटनाओं ने केवल उनके फैसले को और मजबूत किया।
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बेन स्टोक्स
- फोटो : England Cricket
जो रूट के साथ बातचीत के बाद हुआ फैसला पक्का
इंग्लैंड के कप्तान ने बताया कि लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान ड्रेसिंग रूम में जो रूट के साथ बैठकर हुई बातचीत के बाद उन्हें महसूस हुआ कि अब आगे बढ़ने का समय आ गया है। उन्होंने कहा, 'यह फैसला अचानक नहीं था। पिछले कई महीनों से यह मेरे मन में चल रहा था। लॉर्ड्स टेस्ट के पूरे सप्ताह के दौरान जो कुछ हुआ और फिर ड्रेसिंग रूम में जो रूट के साथ बैठने के दौरान मैंने महसूस किया कि अब यह फैसला लेने का समय आ गया है। पिछले दो सप्ताह आसान नहीं रहे और दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं ने भी मेरे विचार को और मजबूत कर दिया।'
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बेन स्टोक्स
- फोटो : PTI
डरहम लौटकर फिर मिला क्रिकेट खेलने का आनंद
दूसरे टेस्ट से बाहर रहने के दौरान स्टोक्स अपने घरेलू काउंटी क्लब डरहम के लिए खेले। उन्होंने बताया कि वहीं उन्हें दोबारा क्रिकेट खेलने का आनंद महसूस हुआ। उन्होंने कहा, 'जब मैं दूसरे टेस्ट में नहीं खेल रहा था और डरहम के लिए खेला, तब मुझे लगा कि क्रिकेट के प्रति मेरा उत्साह फिर लौट आया है। लेकिन इंग्लैंड टीम में वापस आने के बाद मैं उस एहसास को दोबारा हासिल नहीं कर सका। अब मैं अपने बचपन के क्लब डरहम के लिए खेलने को लेकर बेहद उत्साहित हूं। इस सप्ताह और उस सप्ताह की तुलना करता हूं तो मुझे पूरी तरह भरोसा हो गया है कि मैंने सही फैसला लिया है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह घरेलू क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे।
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बेन स्टोक्स
- फोटो : ANI
परिवार ने करीब से देखा संघर्ष
35 वर्षीय स्टोक्स ने स्वीकार किया कि पिछले कुछ साल उनके लिए बेहद कठिन रहे। घुटने, हैमस्ट्रिंग, कंधे और एडडक्टर की चोटों ने उनके शरीर पर लगातार असर डाला। इससे पहले 2021 में वह मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए क्रिकेट से ब्रेक भी ले चुके थे। उन्होंने कहा, 'पिछले चार-पांच सप्ताह ही नहीं, बल्कि पिछले छह महीने भी काफी मुश्किल रहे हैं। जब संन्यास का दिन आता है तो राहत, खुशी, उत्साह और दुख जैसी कई भावनाएं एक साथ आती हैं। इंग्लैंड की कप्तानी करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है, लेकिन इसका एक दूसरा पक्ष भी है, जिसे सिर्फ आपके सबसे करीबी लोग ही देखते हैं। मेरा परिवार और मेरी पत्नी जानते हैं कि यह जिम्मेदारी मुझे कितना थका देती है और मानसिक रूप से कितना प्रभावित करती है।'
उन्होंने आगे कहा, 'लोग कहते हैं कि संन्यास का फैसला अचानक सामने आकर खड़ा हो जाता है और मुझे लगता है कि कुछ सप्ताह पहले मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ। हमारा खेल शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद कठिन है। अब 35 साल की उम्र में मैदान पर वही प्रदर्शन करने के लिए मुझे अपने शरीर पर पहले से कहीं ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।'
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लाबुशेन और स्टोक्स के बीच बहस
- फोटो : Reuters
घोषणा के तुरंत बाद लिया विकेट
स्टोक्स ने बताया कि ट्रेंट ब्रिज टेस्ट की पहली पारी के दौरान बल्लेबाजी के लिए पैड पहनते समय उनके मन में यह फैसला पूरी तरह स्पष्ट हो गया था। शनिवार शाम उन्होंने सबसे पहले जो रूट और उपकप्तान हैरी ब्रूक को इसकी जानकारी दी, जबकि रविवार सुबह पूरी टीम को अपने फैसले से अवगत कराया। दिलचस्प बात यह रही कि चौथे दिन मैच के दौरान जब उनके संन्यास की घोषणा सार्वजनिक हुई, तब वह गेंदबाजी कर रहे थे। घोषणा के तुरंत बाद उन्होंने अपनी अगली ही गेंद पर विकेट हासिल कर लिया, जिससे उनके शानदार करियर में एक और यादगार पल जुड़ गया।
शानदार करियर से संतुष्ट हैं स्टोक्स
बेन स्टोक्स ने कहा कि उन्हें अपने करियर पर गर्व है और उन्हें किसी बात का अफसोस नहीं है। उन्होंने कहा, 'मैं अपने करियर से पूरी तरह संतुष्ट हूं। मैंने एशेज जीती, 50 ओवर का विश्व कप जीता, टी20 विश्व कप भी जीता। मुझे इंग्लैंड की कप्तानी करने का सम्मान मिला और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेलने का अवसर भी मिला। ऐसे में शिकायत करने जैसी मेरे पास कोई बात नहीं है।' स्टोक्स का करियर 2019 वनडे विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड को पहली बार विश्व चैंपियन बनाने, उसी साल हेडिंग्ले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक पारी खेलने और 2022 टी20 विश्व कप जीतने जैसी कई यादगार उपलब्धियों के लिए हमेशा याद किया जाएगा।