आईपीएल 2026 में एमएस धोनी का मैजिक मैदान पर उतरे बिना भी देखने को मिला, जब उन्होंने मैच से पहले नूर अहमद से लंबी बातचीत की। इसके बाद अफगानी स्पिनर ने केकेआर के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए मैच का रुख पलट दिया। सीएसके की जीत में नूर अहमद की अहम भूमिका रही, जिससे यह साबित हुआ कि धोनी का अनुभव और मार्गदर्शन आज भी टीम के लिए गेम-चेंजर है।
महेंद्र सिंह धोनी भले ही चोटिल होने के कारण आईपीएल के मौजूदा सत्र में अभी तक नहीं खेल पाए हैं, लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के प्रदर्शन में उनका प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है जिसकी एक बानगी स्पिनर नूर अहमद के कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के खिलाफ मैच विजेता प्रदर्शन में देखने को मिली।
विज्ञापन
2 of 5
नूर अहमद
- फोटो : IANS/ANI
अफगानिस्तान के बाएं हाथ की कलाई के स्पिनर नूर इस मैच से पहले तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए थे और उन्होंने चार मैचों में केवल एक विकेट लिया था। लेकिन नेट पर अभ्यास के दौरान धोनी से लंबी बातचीत के बाद उनके खेल में बदलाव देखने को मिला। उन्होंने केकेआर के खिलाफ चार ओवरों में 21 रन देकर तीन विकेट लिए। उन्होंने बीच के ओवरों में अजिंक्य रहाणे, रिंकू सिंह और कैमरन ग्रीन के विकेट लेकर सीएसके की 32 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई। इसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।
विज्ञापन
3 of 5
नूर अहमद
- फोटो : IANS/ANI
पिच से गेंदबाजों को ज्यादा मदद नहीं मिल रही थी, लेकिन नूर बल्लेबाजों पर हावी होने में कामयाब रहे। सीएसके के सहायक कोच श्रीधरन श्रीराम ने नूर की मैच से पहले धोनी के साथ हुई बातचीत के बारे में बात की। धोनी पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण नहीं खेल पा रहे हैं।
4 of 5
नूर अहमद
- फोटो : IANS/ANI
श्रीराम ने मैच के बाद पत्रकारों से कहा, 'विकेट से थोड़ी मदद मिल रही थी। केकेआर के खिलाफ उनकी गेंद की गति हवा में थोड़ी धीमी थी। गेंद पर साइड स्पिन ज्यादा थी और ड्रॉप भी ज्यादा था। इस पर वह काम कर रहे हैं। धोनी ने अभ्यास सत्र के दौरान उनसे काफी देर तक बात की और उन्हें लेग अधिक ब्रेक करने के लिए प्रेरित किया। मुझे लगता है कि उससे मदद मिली और इसके परिणाम सबके सामने हैं।'
श्रीराम ने वेस्टइंडीज के स्पिनर अकील हुसैन और नूर के संयोजन पर भी बात की। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि वे एक-दूसरे के पूरक हैं। वे दोनों आपस में बहुत अच्छे से संवाद भी करते हैं। उनके बीच आपस में अच्छी समझ है। अकील ने ही नूर को सही लेंथ बताई। एक बार नूर को जब सही लेंथ मिल गई, तो उन्हें खेलना लगभग असंभव हो गया।'