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Yashasvi-Asitha Fight: 'खुद पर नहीं ले सकते तो दूसरों से मत कहो', यशस्वी-असिथा की भिड़ंत पर क्यों भड़के जडेजा?

Mon, 24 Aug 2026 09:17 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

सार

श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के पहले दिन यशस्वी जायसवाल और तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच मैदान पर तीखी बहस हो गई। दोनों के बीच सिर टकराने और धक्का-मुक्की तक की स्थिति बनी। इस घटना पर पूर्व भारतीय ऑलराउंडर अजय जडेजा ने जायसवाल को खेल भावना और मैदान पर व्यवहार को लेकर नसीहत दी है।
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यशस्वी-असिथा की लड़ाई - फोटो : IANS
भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में दूसरे टेस्ट के पहले दिन यशस्वी जायसवाल एक ऑन-फील्ड विवाद में फंस गए। श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो ने जायसवाल को आउट करने के बाद उन्हें सेंड-ऑफ दिया। यह बात भारतीय बल्लेबाज को पसंद नहीं आई और पवेलियन की ओर लौटते हुए वह वापस मुड़े और फर्नांडो से बहस करने लगे। दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ देर तक तीखी नोकझोंक हुई। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों आमने-सामने आ गए और उनके सिर भी टकराए। इसके बाद दोनों के बीच धक्का देने की स्थिति भी बनी। श्रीलंका के खिलाड़ियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों को अलग किया।
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अजय जडेजा - फोटो : एक्स
अजय जडेजा ने जायसवाल को दी नसीहत
इस घटना पर पूर्व भारतीय ऑलराउंडर अजय जडेजा ने यशस्वी जायसवाल के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मैदान पर मजाक और स्लेजिंग तब तक ठीक है, जब तक भाषा और व्यवहार की सीमा न लांघी जाए। जडेजा ने सोनी स्पोर्ट्स पर कहा, 'यह खतरनाक स्थिति है। इसमें कोई संदेह नहीं है। शारीरिक संपर्क एक अलग बात है। पिछले मैच में जायसवाल दूसरी तरफ थे। वह फील्डिंग कर रहे थे और उन्होंने निरोशन डिकवेला से कुछ कहा था। तब हमने कहा था कि मैदान पर मजाकिया नोकझोंक अच्छी है, जब तक आपकी भाषा में कुछ गलत न हो।'

उन्होंने आगे जायसवाल को एक सीधी सीख देते हुए कहा, 'अगर कोई व्यक्ति खुद पर हंस नहीं सकता, तो उसे दूसरों पर भी नहीं हंसना चाहिए। अगर आप किसी बात को खुद पर नहीं ले सकते, तो मैदान पर वह बात दूसरों से भी नहीं कहनी चाहिए।'
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यशस्वी-असिथा की लड़ाई - फोटो : IANS
सितांशु कोटक ने भी मानी गलती
भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी माना कि जायसवाल को फर्नांडो के इतने करीब नहीं जाना चाहिए था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामले मैच के तनावपूर्ण माहौल में अचानक हो सकते हैं। दिन का खेल खत्म होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोटक ने कहा, 'मुझे लगता है कि गेंदबाज ने कोई टिप्पणी की होगी और संभव है कि वह बात उस समय की गर्मी में कही गई हो। जाहिर तौर पर मुझे नहीं लगता कि जायसवाल को इतनी करीब जाना चाहिए था, लेकिन मैच की गर्मी में ऐसी चीजें हो जाती हैं।'

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यशस्वी-असिथा की लड़ाई - फोटो : IANS
फर्नांडो ने तीन चौके खाने के बाद लिया बदला
यह विवाद भारत की पारी के 17वें ओवर में हुआ। फर्नांडो के ओवर में जायसवाल ने लगातार तीन चौके लगाए थे। हालांकि, ओवर की आखिरी गेंद पर श्रीलंकाई तेज गेंदबाज ने भारतीय सलामी बल्लेबाज को आउट कर दिया। विकेट लेने के बाद फर्नांडो ने जायसवाल को सेंड-ऑफ दिया, जिसके बाद भारतीय बल्लेबाज वापस मुड़े और दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। कुछ ही क्षणों में मामला आमने-सामने आने और शारीरिक संपर्क तक पहुंच गया। श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने बीच में आकर स्थिति को शांत कराया।
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यशस्वी और असिथा भिड़े - फोटो : Twitter
अब नजर आईसीसी की कार्रवाई पर
घटना में शारीरिक संपर्क होने के कारण इस विवाद पर आगे कार्रवाई की संभावना भी बनी हुई है। जडेजा की टिप्पणी ने बहस को एक और दिशा दे दी है कि क्या मैदान पर आक्रामकता और जुनून की भी एक सीमा होनी चाहिए? जायसवाल पहले भी मैदान पर अपनी आक्रामक बॉडी लैंग्वेज और जवाब देने वाले अंदाज के लिए चर्चा में रहे हैं। ऐसे में दूसरे टेस्ट के दौरान हुई यह घटना एक बार फिर खिलाड़ियों के व्यवहार और खेल भावना पर बहस छेड़ रही है।
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