भारतीय तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत के बाद भविष्य का लक्ष्य बताया है। बुमराह और सिराज जैसे सीनियर गेंदबाजों के साथ समय बिताने से मिली सीख ने उनकी गेंदबाजी को बेहतर किया है। अब 26 वर्षीय पेसर खुद को तीनों प्रारूपों के लिए तैयार करना चाहते हैं।
भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजों की नई पीढ़ी तेजी से अपनी पहचान बना रही है और गुरनूर बराड़ भी इसी कतार में आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शुरुआती सफलता हासिल करने के बाद पंजाब के इस तेज गेंदबाज ने बताया है कि पिछले कुछ महीनों में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज जैसे सीनियर गेंदबाजों के साथ समय बिताने से उन्हें क्या सीख मिली और वह अपने करियर को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं।
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गुरनूर बराड़
- फोटो : ANI
छह वनडे में 11 विकेट लेकर बनाई पहचान
26 वर्षीय गुरनूर ने अभी तक भारत के लिए छह वनडे मुकाबले खेले हैं, जिसमें उनके नाम 11 विकेट हैं। उनका इकॉनमी रेट करीब सात रन प्रति ओवर रहा है। हालांकि, गुरनूर का मानना है कि अभी उन्हें अपनी गेंदबाजी में काफी सुधार करना है। खासकर सही लेंथ पर लगातार गेंदबाजी करना और अलग-अलग परिस्थितियों में बल्लेबाज के खिलाफ सही रणनीति बनाना उनके प्रमुख लक्ष्य हैं।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'रणजी ट्रॉफी और भारत ए की तरफ से अच्छे प्रदर्शन के कारण मेरा चयन भारतीय टीम में हुआ। लेकिन मैं अपनी गेंदबाजी की लेंथ और उसमें निरंतरता बनाए रखने तथा किस विकेट पर किस बल्लेबाज को कैसी गेंदबाजी करनी है, इस बारे में और अधिक सीखना चाहता था। यही मेरा लक्ष्य था।'
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गुरनूर बराड़
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बुमराह और सिराज से मिली खास सीख
गुरनूर के लिए पिछले तीन महीने खास रहे हैं। इस दौरान उन्हें टीम इंडिया के अनुभवी तेज गेंदबाजों को करीब से देखने और उनके साथ गेंदबाजी करने का मौका मिला। बुमराह और सिराज से मिली सीख ने उन्हें अपनी गेंदबाजी को समझने में मदद की। उन्होंने कहा, 'मोर्ने सर और गंभीर सर के साथ बातचीत के बाद एक गेंदबाज के रूप में मैं पहले से बेहतर बन गया हूं। जाहिर है कि बूम (बुमराह) भाई, सिराज भाई, प्रसिद्ध (कृष्णा) भाई को देखने और उनसे बात करने के बाद मुझे नई सीख मिली।'
गुरनूर ने आगे बताया कि सीनियर खिलाड़ियों को सिर्फ गेंदबाजी करते देखना ही नहीं, बल्कि उनकी तैयारी और मानसिकता को समझना भी उनके लिए बेहद उपयोगी रहा। उन्होंने कहा, 'जब आप उन्हें करीब से गेंदबाजी करते हुए देखते हैं। जब आप देखते हैं कि वे खुद को कैसे तैयार करते हैं और बल्लेबाजों पर किस तरह से हावी होने की कोशिश करते हैं तो इससे काफी सीख मिलती है। मैं भी अपने करियर में यही करने की कोशिश कर रहा हूं और सभी प्रारूपों में गेंदबाजी करने वाला गेंदबाज बनना चाहता हूं।'
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गुरनूर बराड़
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'अपनी शैली में बदलाव मत करो'
गुरनूर ने बताया कि सीनियर गेंदबाजों ने उन्हें अपनी प्राकृतिक गेंदबाजी शैली के साथ बने रहने की सलाह दी है। उनके मुताबिक, असली चुनौती परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालने की है। उन्होंने कहा, 'उन्होंने बताया कि मैं अपनी गेंदबाजी शैली में बदलाव नहीं करूं। लेकिन आपको पता होना चाहिए कि किन परिस्थितियों में कैसे गेंदबाजी करनी है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मैं अपनी गति और लेंथ पर कायम रहूं तथा अधिक मैच खेलने से मेरा खेल बेहतर होता जाएगा।'
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गुरनूर बराड़
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भारत ए के लिए भी शानदार प्रदर्शन
गुरनूर ने हाल में भारत ए की ओर से भी प्रभावी प्रदर्शन किया। उन्होंने श्रीलंका ए और एसएलसी इलेवन के खिलाफ दो चार दिवसीय मुकाबलों में कुल 13 विकेट हासिल किए। श्रीलंका में खेले इन दो मैचों में उन्होंने 54.3 ओवर गेंदबाजी की। लंबे स्पेल डालने की क्षमता को लेकर वह खुद भी उत्साहित हैं और मानते हैं कि लगातार खेलने से उनका शरीर और मजबूत होगा।
'बस गेंदबाजी करते रहो'
तेज गेंदबाजों के लिए फिटनेस और रिकवरी बेहद अहम है। गुरनूर भी इसे समझते हैं और अपने शरीर को लंबे समय तक क्रिकेट खेलने के लिए तैयार करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'शुरू से ही मेरा एक ही लक्ष्य रहा है। मुझे अपने शरीर को इस तरह से तैयार करना है कि चाहे मैं कितने भी ओवर करूं, इससे मेरे शरीर पर किसी तरह का असर न पड़े और मैं अपने खेल का भरपूर आनंद लूं। मुझे अब भी लगता है कि अगर मैं मैच में अच्छी गेंदबाजी करता हूं, तो मुझे खेल में बने रहना चाहिए। आपको ब्रेक और रिकवरी की जरूरत होती है। इसके लिए हमें योजना बनानी होगी।'
गुरनूर ने अपनी सोच बताते हुए कहा, 'लेकिन मुझे लगता है कि हम जितना अधिक खेलेंगे हमारा शरीर उतना ही मजबूत होगा। मेरी सोच पुराने तेज गेंदबाजों जैसी है। बस गेंदबाजी करते रहो।' अब गुरनूर के सामने चुनौती अपनी शुरुआती सफलता को लंबे करियर में बदलने की है। बुमराह और सिराज जैसे दिग्गजों से सीख लेकर वह साफ कर चुके हैं कि उनकी नजर सिर्फ वनडे क्रिकेट पर नहीं, बल्कि तीनों प्रारूपों में टीम इंडिया का भरोसेमंद तेज गेंदबाज बनने पर है।