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रजा की बदौलत दो दशक बाद टेस्ट क्रिकेट में बड़े उलटफेर की दहलीज पर पहुंचा जिम्बाब्वे

Mon, 17 Jul 2017 01:24 PM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक निगम
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सिकंदर रजा - फोटो : twitter
जिम्बाब्वे और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेला जा रहा एकमात्र टेस्ट काफी रोमांचक मोड़ पर खड़ा है। जिम्बाब्वे की टीम करीब दो दशक बाद उलटफेर करने के करीब पहुंच गई है। कमजोर मानी जाने वाली जिम्बाब्वे को ऐतिहासिक जीत के करीब पहुंचाने वाला अहम किरदार रहा सिकंदर रजा।
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शतकीय पारी के दौरान शॉट खेलते हुए सिकंदर रजा - फोटो : twitter
सिकंदर रजा ने रविवार को श्रीलंका के खिलाफ जिम्बाब्वे की दूसरी पारी में धमाकेदार शतक जमाया। छठें क्रम पर बल्लेबाजी करने आए रजा ने 205 गेंदों में 9 चौको व एक छक्के की मदद से 127 रन की पारी खेली। टेस्ट के चौथे दिन सुबह के सत्र में रंगना हेराथ ने क्लीन बोल्ड करके रजा की पारी का अंत किया। उल्लेखनीय है कि अपने करियर का पांचवां टेस्ट खेल रहे रजा ने टेस्ट क्रिकेट में अपना डेब्यू शतक भी जमाया। 
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शतक बनाकर राहत महसूस करते समय रजा - फोटो : twitter
रजा तीसरे दिन जब बल्लेबाजी करने के लिए उतरे तो उनकी टीम संकट की स्थिति में थी। पहली पारी में 356 रन बनाने वाली जिम्बाब्वे दूसरी पारी में एक समय सिर्फ 23 रन पर चार विकेट  खोकर संघर्ष कर रही थी। स्कोर 59 रन पर पहुंचा ही था कि शॉन विलियम्स (22) भी पवेलियन लौट गए।

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रजा ने अच्छे से साझेदारीयां निभाई - फोटो : twitter
रजा ने पुछल्ले बल्लेबाजों पीटर मूर (40) और मालकॉम वॉलर (68) के साथ क्रमशः 86 और 144 रन की साझेदारी करके जिम्बाब्वे की न सिर्फ वापसी कराई जबकि उसको बेहद मजबूत स्थिति में भी पहुंचा दिया। समाचार लिखे जाने तक जिम्बाब्वे ने श्रीलंका पर 350 रन की बढ़त हासिल कर ली है, जबकि उसके दो विकेट शेष हैं। याद हो कि जिम्बाब्वे ने हाल ही में श्रीलंका को उसी की जमीन पर वन-डे सीरीज में 3-2 से हराया था।
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जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम - फोटो : twitter
इसके बाद टेस्ट में भी उसका अच्छा प्रदर्शन जारी रहा और इसका नतीजा है कि वो बड़े उलटफेर के करीब पहुंच गया है। जिम्बाब्वे ने 1998 में भारत और पाकिस्तान को टेस्ट सीरीज में हराया था, जो उसके क्रिकेट इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। जिम्बाब्वे ने पहले भारत को अपने घर में एकमात्र टेस्ट में हराया और फिर पाकिस्तान को उसके घर में जाकर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 से हराया था। इसके बाद से जिम्बाब्वे ने कुल 6 टेस्ट ही जीते हैं और ये सभी बांग्लादेश के खिलाफ जीते गए हैं। जिम्बाब्वे का ओवरऑल टेस्ट रिकॉर्ड इस प्रकार है, 1992 से 101 टेस्ट खेले, 11 जीते, बांग्लादेश के खिलाफ 6, पाकिस्तान के खिलाफ 3 और भारत के खिलाफ 2 टेस्ट जीते।
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शतक बनाने के बाद जोशपूर्ण क्रेग इर्विन - फोटो : twitter
रजा के अलावा श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में ग्रीम क्रेमर एक पारी में पांच विकेट लेने वाले जिम्बाब्वे के पहले कप्तान बने। वहीं जिम्बाब्वे की पहली पारी में क्रेग इर्विन (160) ने भी दमदार शतक ठोंका था। श्रीलंका की तरफ से दोनों पारियों में रंगना हेराथ ने पांच-पांच विकेट लिए। 
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