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एमएस धोनी और बलिदान बैज विवाद: जानिए अब तक क्या-क्या हुआ?

Sat, 08 Jun 2019 01:15 PM IST
Trainee Trainee स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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एमएस धोनी और ग्लव्स विवाद - फोटो : अमर उजाला
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में महेंद्र सिंह धोनी ने अपने विकेटकीपिंग ग्लव्स पर बलिदान बैज का लोगो लगाया था। जिसके बाद गुरुवार को आईसीसी ने बीसीसीआई से अपील की, धोनी अपने ग्लव्स पर से बलिदान बैज का लोगो हटाकर अगले मैच में उतरे, जिसके बाद से पूरे देश में हंगामा मच गया।

आईसीसी ने कहा कि धोनी का अपने ग्लव्स पर बलिदान बैज लगाना उसके नियमों के विरुद्ध है। अब बीसीसीआई भी इस मामले में नरम पड़ता नजर आ रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की माने तो खुद धोनी भी अपने दस्तानों से बलिदान बैज हटाने को राजी हो गए हैं।

मालूम हो कि महेंद्र सिंह धोनी को 2011 में टेरीटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि से नवाजा गया था। उसके बाद साल 2015 में धोनी ने पैरा फोर्सेज के साथ बुनियादी ट्रेनिंग और फिर पैराशूट से कूदने की स्पेशल ट्रेनिंग भी पूरी की जिसके बाद धोनी को पैरा रेजिमेंट में शामिल किया गया और उन्हें ये बैज लगाने की अनुमति दी गई।
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MS Dhoni - फोटो : social Media

धोनी ने क्या पहना था?

सोशल मीडिया पर बरसी टिप्पणियों को आकर्षित करने वाले प्रतीक चिन्ह को पैरा (विशेष बलों) के बैज के समान गढ़ा गया है। जिसे एक डैगर को पंखों के साथ बनाया गया है, हालांकि, पैरा मिलिट्री बैज में 'बालिदान' शब्द भी है, जो धोनी द्वारा पहने गए दस्ताने पर बने निशान से गायब था।

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MS Dhoni - फोटो : Social Media

क्या है बीसीसीआई का रुख?

बीसीसीआई की प्रशासकों की समिति के प्रमुख ने इस आधार पर आईसीसी के दावे का खंडन करते हुए कहा कि, धोनी ने आईसीसी के किसी भी नियमों का उल्लंघन नहीं किया है, क्योंकि उनके दस्ताने पर बने लोगों में अर्धसैनिक रेजिमेंटल का खंजर नहीं है। बीसीसीआई की प्रशासकों की समिति (सीओए) ने शुक्रवार को आईसीसी से धोनी को लोगो के साथ दस्ताने पहनने की अनुमति देने की अपील की है।

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आईसीसी

क्या कहता है, आईसीसी का नियम

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के लोगो और ड्रेस कोड के मुताबिक कोई भी खिलाड़ी तय ड्रेस या किट से छेड़छाड़ नहीं कर सकता है। यहां तक कि उस पर किसी प्रकार का दूसरा रंग भी नहीं इस्तेमाल किया जा सकता। ड्रेस पूरी तरह से साफ होनी चाहिए और उसके रंग में भी कोई परिवर्तन नहीं होना चाहिए। 

नियमों के मुताबिक किसी भी खिलाड़ी, बोर्ड या फिर संस्थान को किसी विशेष लोगो या बदलाव के लिए पहले से अनुमति मांगनी होगी। आईसीसी से अप्रूवल मिलने के बाद ही ड्रेस में कुछ बदलाव के साथ प्लेयर मैदान में उतर सकता है।


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आईसीसी - फोटो : social Media

क्या कहता है, आईसीसी का नियम

आईसीसी के मुताबिक किसी भी प्लेयर को तीन से ज्यादा लोगो अपनी ड्रेस पर इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। ग्लव्स पर सिर्फ मैन्युफैक्चरर का ही लोगो हो सकता है। खिलाड़ी और टीम के अधिकारियों को आर्म बैंड या ड्रेस के जरिए कोई भी निजी मेसेज देने की अनुमति नहीं है। हालांकि आईसीसी के क्रिकेट ऑपरेशंस डिपार्टमेंट से अनुमति लेने के बाद ऐसा किया जा सकता है।

आईसीसी के नियमों के मुताबिक किसी भी तरह के राजनीतिक, धार्मिक संदेश को जारी के लिए अनुमति नहीं मिल सकती। संदेह को खत्म करते हुए आईसीसी ने यह भी अपने नियमों में स्पष्ट किया है कि यदि कोई बोर्ड या टीम किसी संदेश को लेकर मंजूरी देती है और आईसीसी असहमत है तो फिर अंतिम निर्णय अंतरराष्ट्रीय संस्था का ही माना जाएगा।
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बलिदान बैज के साथ एमएस धोनी - फोटो : सोशल मीडिया

नियम उल्लंघन करने पर क्या होता है?

आईसीसी के महाप्रबंधक क्लेयर फर्लांग ने अपने एक बयान में कहा कि इस तरह के नियम उल्लंघन पर पहले लोगो या निशान को हटाने के लिए कहा जाता है, इसके बाद जुर्माना लगाया जाता है।आईसीसी के नियमों में कहा गया है कि,यदी कोई भी मैच अधिकारी किसी भी खिलाड़ी को ऐसे कपड़े या उसके ऐसे सामान से वाकिफ हो जाता है, जो नियमों के विरुद्ध है, तो उसे खेल के मैदान में जाने से रोक दिया जाता है। जब तक वह प्रतिबंधित निशान को हटा या उसे पूरी तरिके से कवर नहीं किया जाता तब तक खिलाड़ी को मैदान में जाने की अनुमति नहीं मिलती है।

धोनी के मामले में उन्हें आईसीसी से अभी तक कोई फटकार नहीं लगी है। आईसीसी ने बीसीसीआई से कहकर धोनी के इस तरह के ग्लव्स न पहनने को कहा है। हालांकि आईसीसी के ताजा फैसले के बाद अब धोनी को या तो अपने ग्लव्स बदलने होंगे या फिर लोगो के ऊपर टेप लगानी होगी।

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Sachin Tendulkar - फोटो : social Media

क्या ऐसे ही विवाद हुए हैं?

क्रिकेट में जर्सी या किट पर लोगों लगाने के मामले में पहले भी विवाद होते रहे हैं।ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट खिलाड़ी उस्मान ख्वाजा, जो इस साल के विश्व कप टीम का हिस्सा हैं, उन्होंने तब ध्यान खींचा था, जब उन्होंने वीबी बीयर ब्रांड के लोगो के साथ टीम की जर्सी पहनने से इनकार कर दिया। इससे पहले साथी क्रिकेटर फवाद अहमद ने भी लोगो पहनने से मना कर दिया था।

विश्व के दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को भारत के ध्वज संहिता का हवाला देते हुए गृह मंत्रालय ने उनके हेलमेट पर बीसीसीआई लोगो के नीचे भारतीय ध्वज लगाने से रोकना पड़ा था । कई अन्य क्रिकेटरों को भी ध्वज का उपयोग करने से रोकने के लिए कहा गया। इसकी एक वजह यह थी कि क्रिकेटर उस मैदान पर थूकते हैं, जहाँ हेलमेट रखा जाता है और साथ ही वे अपने जूते हेलमेट के पास रखते हैं, इस तरह से राष्ट्रीय ध्वज का वो अनादर  करते हैं।

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