MS Dhoni-vikram rathore
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विश्व स्तरीय गेंदबाजी के आगे विक्रम अक्सर जुझते नजर आते। कमजोर फुटवर्क हमेशा उनकी बल्लेबाजी पर काला धब्बा लगाते दिखता। वह स्थिति के अनुसार अपनी बल्लेबाजी को समायोजित करने में सक्षम नहीं थे, वह गुणवत्ता जिसे हम आमतौर पर एक विश्व स्तरीय बल्लेबाज से देखने की उम्मीद करते हैं। टीम इंडिया के ओपनिंग बल्लेबाज रह चुके विक्रम राठौड़ ने भारत के लिए छह टेस्ट मैच और सात वनडे मैच खेले थे। शायद विक्रम को पता लग गया था कि वह शायद ही उस प्रतिष्ठा को जी सकते हैं, जो घरेलू क्रिकेट में उनके शानदार रन स्कोरिंग के कारण उन्हें मिली थी। अंतत: उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पकड़ नहीं बना पाने के कारण निराशा में करियर को समाप्त करना पड़ा।