तब 158 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली की टीम के 55 रनों पर 3 विकेट गिर चुके थे। टीम मुश्किल में थी, तभी ऋषभ पंत क्रीज पर आए। पिता का दुख, मानसिक दबाव और विपरित हालातों के बावजूद उन्होंने खेल के प्रति अपना समर्पण दिखाते हुए 36 गेंदों की अपनी पारी में 57 रन बनाए थे। हालांकि उनकी टीम को उस वक्त हार का सामना करना पड़ा था।