टीम इंडिया के सॉलिड टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा पर टेस्ट बल्लेबाज का ठप्पा लग चुका है। अपनी दमदार तकनीक और टिकाऊ क्षमता के चलते टेस्ट टीम के नियमित सदस्य पुजारा वनडे टीम का हिस्सा नही बनते। यह वजह है कि आईपीएल में भी टीमें उनपर दांव लगाने से हिचकती नजर आती हैं। पुजारा ने रांची टेस्ट में 400 से अधिक गेंदों का सामना किया। जानिए कब-कब पुजारा ने दिया 'कंप्लीट' टेस्ट बल्लेबाज होने का परिचय:
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इस वजह से 'स्लो' पुजारा लेतें हैं गेंदबाजों के सब्र का इम्तिहान
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चेतेश्वर पुजारा
- फोटो : ESPN
बनाम न्यूजीलैंड, हैदराबाद (306 गेंदों में 159 रन)
साल 2012 में न्यूजीलैंड के खिलाफ हैदराबाद टेस्ट में पुजारा ने 468 मिनट तक बल्लेबाजी की और 306 गेंदों में 159 रन की पारी खेली। इस पारी के दौरान पुजारा ने 19 चौके और 1 छक्का जड़ा। भारत ने इस मैच को एक पारी 115 रन के अंतर से जीता।
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चेतेश्वर पुजारा
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बनाम ऑस्ट्रेलिया, हैदराबाद (341 गेंदों में 204 रन)
एक बार हैदराबाद में ही पुजारा ने अपनी क्षमता का परिचय दिया। इस बार साल था 2013 का और सामने थी ऑस्ट्रेलियाई टीम। पुजारा ने इस पारी में 30 चौके और 1 छक्का लगाया। यह टेस्ट एक पारी और 135 रनों से भारत के नाम रहा।
इस वजह से 'स्लो' पुजारा लेतें हैं गेंदबाजों के सब्र का इम्तिहान
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चेतेश्वर पुजारा
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बनाम इंग्लैंड, मुंबई (350 गेदों में 135 रन)
2012 में इंग्लैंड के भारत दौरा टीम इंडिया के लिए बुरा सपना रहा। मुंबई टेस्ट में इंग्लैंड के गेंदबाजों के खिलाफ अपना जीवट दिखाते हुए पुजारा ने 12 चौकों की मदद से 350 गेंदों में 135 रन बनाए। हालांकि, भारत यह मैच 10 विकेट से हारा।
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चेतेश्वर पुजारा
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बनाम इंग्लैंड, अहमदाबाद (389 गेंदों में 206 रन)
अपना पहला टेस्ट दोहरा शतक जमाते हुए पुजारा कुल 518 मिनट तक बल्ला थामे मैदान में रहे। 2012 में अहमदाबाद टेस्ट के दौरान पुजारा ने 389 गेंदों में 206 रन बनाए। इस पारी में पुजारा ने 21 चौके जड़े और भारत ने 9 विकेट से मैच अपने नाम किया।
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चेतेश्वर पुजारा
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बनाम ऑस्ट्रेलिया, रांची (पारी जारी है)
रांची में हुए पहले टेस्ट में पहली बार पुजारा ने 400 से अधिक गेंदों का सामना किया। हालांकि मैच अभी जारी है और पुजारा क्रीज पर झटे हुए हैं।