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बर्थडे स्पेशल: सचिन के साथ किया था डेब्यू, अब खेल छोड़ बन गए हिंदी कमेंट्री की जान

Sat, 25 Aug 2018 08:21 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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सचिन तेंदुलकर और विवेक राजदान
कहते हैं कि लगन, मेहनत और शिद्दत से किया हुआ कोई काम कभी निराश नहीं करता, लेकिन कई बार इसमें अपवाद भी हो जाता है और उस अपवाद के शिकार हैं, टीम इंडिया के पूर्व महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के साथ डेब्यू करने वाले दाएं हाथ के गेंदबाज विवेक राजदान। शनिवार, 25 अगस्त को उनका जन्मदिन है। आइए इस मौके पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातेंः
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विवेक राजदान
25 अगस्त 1969 को दिल्ली में जन्मे टीम इंडिया के पूर्व दाएं हाथ के गेंदबाज विवेक राजदान शनिवार को अपना 49वां जन्मदिन मना रहे हैं। जम्मू-कश्मीर से आकर वह टीम इंडिया में जगह बनाने वाले पहले क्रिकेटर बने थे, लेकिन क्रिकेट की दुनियां में उन्हें वह मुकाम हासिल नहीं हुआ जो उनके साथ डेब्यू करने वाले खिलाड़ी ने हासिल किया।
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sachin tendulkar
49 वर्षीय इस खिलाड़ी ने 'क्रिकेट के भगवान' माने जाने वाले टीम इंडिया के पूर्व महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के साथ डेब्यू किया था। मगर आज के समय में सचिन जहां दुनिया के महान क्रिकेटरों में से एक बन गए। वहीं, विवेक को क्रिकेट से मुंह मोड़ना पड़ा। इसको बदकिस्मती कहिए या खुद का भाग्य। डेब्यू के दौरान विवेक की उम्र 20 साल तो सचिन महज 16 साल के थे। 

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विवेक राजदान
साल 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट व वन-डे दोनों में डेब्यू करने वाले विवेक राजदान का क्रिकेट करियर 3 मैच खेलने के बाद ही खत्म हो गया। इसी साल सीरीज के दूसरे वन-डे में सचिन और विवेक ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना डेब्यू मैच खेला था। इस मैच में दोनों खिलाड़ी पूरी तरह से फ्लॉप रहे थे। सचिन शून्य पर आउट हुए तो वहीं, विवेक 1 रन बनाकर पवेलियन लौटे। 
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विवेक राजदान
टीम इंडिया की तरफ से 2 टेस्ट और 3 वन-डे खेलने वाले विवेक उस समय चुनिंदा गेंदबाजों में से एक माने जाते थे। उन्होंने अपने क्रिकेट करियर में बल्लेबाजी में 23 रन और गेंदबाजी में सबसे ज्यादा विकेट झटके थे। पाकिस्तान के खिलाफ जिन्नाह स्टेडियम में खेले गए चौथे टेस्ट में उन्होंने 79 रन देकर 5 विकेट झटके थे। हालांकि, यह उनके करियर का आखिरी मैच साबित हुआ।
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विवेक राजदान
क्रिकेट में निराशा हाथ लगने के बाद भी उन्होंने अपनी लगन और मेहनत को बेकार नहीं जाने दिया और वह किसी न किसी रूप में क्रिकेट से जुड़े रहे। उन्होंने क्रिकेट कोचिंग के साथ-साथ दिल्ली की रणजी टीम से भी जुड़े रहे। हां, यह बेशक सही है कि उनके साथ डेब्यू करने वाले सचिन आज कहां से कहां पहुंच गए लेकिन विवेक वह मुकाम हासिल नहीं कर पाए, लेकिन आज वो हिंदी कमेंट्री की जान बन गए हैं। आज के दौर में विवेक देश के जाने-माने हिंदी कमेंटेटर हैं। उन्हें दर्शकों का अटूट प्यार मिलता है और लोग उनके कमेंट्री के कायल हैं।
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