विराट कोहली ने फिर साबित कर दिया है कि वह वनडे के महान खिलाड़ियों में क्यों गिने जाते हैं। कप्तानी छोड़ने के बाद उनका प्रदर्शन दिखाता है कि जिम्मेदारी कम हुई, लेकिन क्लास और भूख वैसी की वैसी रही...बल्कि और बढ़ गई। अगर यह लय ऐसे ही जारी रही, तो आने वाले समय में विराट क्रिकेट इतिहास के कई और बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करते नजर आएंगे।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और आधुनिक युग के महान बल्लेबाज विराट कोहली एक बार फिर अपने शानदार फॉर्म से चर्चा में हैं। उन्होंने रायपुर वनडे में एक और शतक जड़ा। विराट ने 90 गेंद पर शतक पूरा किया, जो कि उनके वनडे करियर का 53वां और अंतरराष्ट्रीय करियर का 84वां शतक रहा। कोहली 93 गेंद में सात चौके और दो छक्कों की मदद से 102 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें लुंगी एनगिडी ने मार्करम के हाथों कैच कराया।
विज्ञापन
2 of 7
विराट कोहली और ऋतुराज
- फोटो : PTI
ऋतुराज के साथ 195 रन की साझेदारी निभाई
उन्होंने ऋतुराज गायकवाड़ के साथ तीसरे विकेट के लिए 195 रन की साझेदारी निभाई। ऋतुराज 105 रन बनाकर आउट हुए। इस शतक के साथ ही कोहली ने क्रिकेट जगत को यह संदेश दे दिया कि उनका खेल अभी भी चरम पर है और उनकी भूख पहले जैसी ही है। साथ ही उन्होंने 2027 वनडे विश्व कप के लिए भी अपना दावा पुख्ता कर दिया है। कोहली ने जब से वनडे की कप्तानी छोड़ी है, वह इस प्रारूप में और भी घातक हो गए हैं। ये हम नहीं, बल्कि उनके आंकड़े बता रहे हैं। कोहली वनडे में करीब हर दूसरी पारी में 50 से ज्यादा रन बना रहे हैं।
विज्ञापन
3 of 7
विराट कोहली
- फोटो : PTI
कप्तानी छोड़ने के बाद और भी घातक बने विराट
कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना था कि कप्तानी छोड़ने के बाद विराट पर दबाव कम होगा और वह पहले से भी अधिक सहज होकर रन बना पाएंगे। आंकड़े बताते हैं कि यह अनुमान बिल्कुल सही था। नीचे दिए गए आंकड़े साफ दिखाते हैं कि कप्तानी छोड़ने के बाद विराट कोहली का खेल न सिर्फ बेहतर हुआ है, बल्कि वह एक बार फिर 'पीक विराट' मोड में वापस आ चुके हैं। यह वही मोड है, जिससे बड़े से बड़ा गेंदबाज उनसे डरता है। इन आंकड़ों को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि विराट कोहली सिर्फ रन नहीं बना रहे, बल्कि प्रभावशाली और मैच-विनिंग पारियां खेल रहे हैं।
विराट कोहली (कप्तानी छोड़ने के बाद प्रदर्शन)
श्रेणी
आंकड़े
मैच
53
पारी
50
नॉट आउट
7
रन
2323
सर्वश्रेष्ठ स्कोर
166*
औसत
54.02
स्ट्राइक रेट
95.32
शतक
10
अर्धशतक
13
चौके
210
छक्के
36
4 of 7
विराट कोहली
- फोटो : PTI
इंग्लैंड के खिलाफ बतौर कप्तान आखिरी सीरीज
विराट का बतौर वनडे कप्तान आखिरी मैच 28 मार्च 2021 को आया था। उन्होंने आखिरी बार वनडे में इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के पुणे मुकाबले में टीम इंडिया की कप्तानी की थी। वह सीरीज भारतीय टीम 2-1 से जीती थी। इसके बाद जैसे ही कोहली ने टी20 की कप्तानी से इस्तीफा दिया, उन्हें वनडे की कप्तानी से भी हटा दिया गया। हालांकि, इसके बाद से कोहली का वनडे में बल्ला जमकर चला। वह सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ वनडे में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने।
विज्ञापन
5 of 7
विराट कोहली
- फोटो : PTI
कोहली के आंकड़े कप्तानी छोड़ने के बाद
कोहली ने कप्तानी छोड़ने के बाद 53 वनडे मैचों की 50 पारियों में 54.02 की औसत और 95.32 के स्ट्राइक रेट से 2323 रन बनाए। इनमें 10 शतक और 13 अर्धशतक हैं। यानी 50 में से 23 पारियों में कोहली ने 50 से ज्यादा के स्कोर बनाए हैं। नाबाद 166 रन उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी रही है। विराट के वनडे में बतौर कप्तान आखिरी मैच से लेकर अब तक भारतीय बल्लेबाजों में सिर्फ इस प्रारूप में शुभमन गिल ने उनसे ज्यादा रन बनाए हैं। गिल के नाम इस दौरान 55 वनडे पारियों में 58.91 की औसत से 2769 रन हैं। हालांकि, शतक जड़ने के मामले में कोहली से ऊपर कोई नहीं है। गिल ने आठ शतक और 15 अर्धशतक लगाए।
29 मार्च 2021 से अब तक वनडे में सबसे ज्यादा रन(भारतीय)
खिलाड़ी
पारियां
रन
सर्वश्रेष्ठ
स्कोर
औसत
100s
50s
4s
6s
शुभमन गिल
55
2769
208
58.91
8
15
313
59
विराट कोहली
50
2323
166*
54.02
10
13
210
36
रोहित शर्मा
50
2236
131
49.68
4
17
242
108
श्रेयस अय्यर
47
2104
128*
50.09
4
15
189
55
विज्ञापन
6 of 7
विराट कोहली
- फोटो : PTI
हर दूसरे मैच में 50+ स्कोर
विराट की हालिया निरंतरता अद्भुत रही है। कप्तानी छोड़ने के बाद खेली गई 50 पारियों में उन्होंने कुल 23 बार 50+ स्कोर बनाया है, यानी लगभग हर दूसरे मैच में अर्धशतक या उससे अधिक रन बनाए हैं। ऐसी निरंतरता अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बहुत कम देखने को मिलती है और यही बात विराट को बाकी बल्लेबाजों से अलग करती है।
विश्व कप 2023 के बाद और भी मजबूत वापसी
2023 विश्व कप में विराट कोहली ने सर्वाधिक रन बनाते हुए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार जीता था और उसके बाद भी उनका प्रदर्शन लगातार शानदार बना हुआ है। उनकी फिटनेस, मानसिक मजबूती और खेल के प्रति जुनून उन्हें आज भी दुनिया का सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बनाता है।