बीसीसीआई ने एक बार फिर जिम्बाब्वे दौरे के लिए अपनी मजबूत टीम भेजने की जगह उभरते युवा सितारों के साथ भारतीय क्रिकेट टीम भेजी। इस बार टीम में कई बड़े नामी चेहरे नहीं हैं। विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, सुरेश रैना, आर अश्विन और रविंद्र जडेजा जैसे बड़े क्रिकेटर टीम के साथ यहां नहीं आए हैं। हालांकि टीम के साथ महेंद्र सिंह धोनी के रुप में अनुभवी कप्तान के साथ-साथ बड़ा चेहरा भी है।
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वनडे क्रिकेट में 40 साल बाद टीम इंडिया में हुई यह 'छोटी सी बात'
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टीम इंडिया
- फोटो : PTI
2013 और 2015 के बाद जिम्बाब्वे की धरती पर भारतीय क्रिकेट टीम लगातार तीसरी बार क्लीन स्वीप का इरादा लगाए बैठी है और आज जब हरारे में वनडे सीरीज की शुरुआत हुई तो भारतीय पारी की शुरुआत में ही एक ऐसा कारनामा हो गया जो इससे पहले उसके साथ ठीक 40 साल पहले हुआ था।
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हुआ यूं कि टीम इंडिया में ज्यादातर नए खिलाड़ी हैं और जब टीम 169 रनों के लक्ष्य की पीछा करने उतरी तो क्रीज पर दो नवोदित बल्लेबाज पारी का आगाज करने जा रहे थे। ये दो नए चेहरे थे लोकेश राहुल और करुण नायर जो पहली बार भारतीय पारी शुरू करने आए। 1976 के बाद यह पहली बार था कि जब भारत की ओर से किसी वनडे मैच में दोनों नवोदित बल्लेबाजों ने पारी का आगाज किया।
वनडे क्रिकेट में 40 साल बाद टीम इंडिया में हुई यह 'छोटी सी बात'
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लोकेश राहुल और करुण नायर की नई भारतीय जोड़ी कमाल नहीं दिखा पाई और महज 11 रन पर टूट गई। आईपीएल में शानदार खेल दिखाने वाले करुण महज 7 रन बनाकर आउट हो गए। जबकि लोकेश के लिए यह पहला वनडे मैच जरूर है लेकिन वह भारत की टेस्ट टीम का हिस्सा हैं और अब तक 5 मैच खेल चुके हैं।
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हरारे से पहले 21 फरवरी, 1976 को क्राइस्टचर्च वनडे में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम के लिए दो नवोदित बल्लेबाजों ने भारतीय पारी की शुरुआत की थी। 40 साल से भी ज्यादा समय पहले हुए इस मैच में पार्थसारथी शर्मा और दिलीप वेंगसरकर ने वनडे करियर का आगाज करते हुए पारी की शुरुआत की थी।
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1976 और 2016 के इन दोनों ही वनडे मैचों में भारत की ओर से कम से कम 3 संयोग भी हुए। भारत की ओर से दोनों ही मैचों में 3 क्रिकेटरों ने वनडे करियर का आगाज किया। दोनों ही मौकों पर एक-एक ओपनर दहाई का आंकड़ा पार किए बगैर ही आउट हो गया जबकि दूसरे बल्लेबाज ने अपनी पारी दोहरे अंकों में पहुंचाया। साथ ही दोनों ही मैचों में टॉस भारत ने जीता था।