फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इन 5 गलतियों के चलते इतिहास रचने से चूकी टीम इंडिया, सदियों तक रहेगा हार का मलाल

Mon, 11 Feb 2019 10:28 AM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 6
TEAM INDIA
न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को तीन मैचों की टी-20 सीरीज के तीसरे व फाइनल मुकाबले में रविवार को चार से हरा दिया। इसी के साथ यह सीरीज 2-1 से न्यूजीलैंड के नाम हुई। इसी कड़ी में जानते हैं फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम से हुई गलतियों के बारे में...
विज्ञापन

2 of 6
bhuvneshwar kumar
टीम इंडिया के गेंदबाज न्यूजीलैंड को शुरुआती झटके देने में नाकाम रहे। भारतीय गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड के ओपनर बल्लेबाज टीम सीफर्ट और कॉलिन मुनरो को हाथ खोलने का मौका दिया और दोनों ने इस मौके का जमकर फायदा उठाया। जहां कीवी बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 80 रन जोड़े तो भारतीय टीम का पहला विकेट पहले ही ओवर में महज छह रन के कुल योग पर गिरा।
विज्ञापन

3 of 6
Khaleel Ahmed
न्यूजीलैंड के ग्राउंड काफी छोटे हैं। ऐसे में बल्ले से गेंद अच्छे से कनेक्ट होने पर बड़ा हवाई फायर होता है, लेकिन अगर गेंद सही से बल्ले पर न आए तो वहां विकेट का मौका बनता है। इस तरह के कई मौके टीम इंडिया के हाथ आए, लेकिन खराब फील्डिंग की वजह से भारत को उसका फायदा नहीं मिला। रोहित शर्मा, खलील अहमद, विजय शंकर और कुलदीप यादव एक-एक कैच छोड़ा। इसके अलावा ग्राउंड फील्डिंग में भी खिलाड़ियों ने कई गलतियां की, जिसका खामियाजा चौके-छक्कों के रूप में भुगतना पड़ा।

4 of 6
dhawan rohit
टीम इंडिया को सधी हुई शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी कप्तान रोहित शर्मा और शिखर धवन की थी। लेकिन शिखर धवन पहले ही ओवर में अपना विकेट गंवा बैठे। धवन सिर्फ पांच रन बनाकर आउट हो गए। जबकि रोहित शर्मा ने 32 रन की पारी खेली।
विज्ञापन

5 of 6
ऋषभ पंत
टीम इंडिया के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजों पर जीत का बड़ा दारोमदार था। ऋषभ पंत, एमएस धोनी, दिनेश कार्तिक समेत हार्दिक पांड्या में से किसी एक खिलाड़ी को अच्छे स्ट्राइक रेट के साथ लंबी पारी खेलनी थी, लेकिन खिलाड़ियों ने तेजी तो दिखाई पर बड़े लक्ष्य के दबाव के आगे संयम खो बैठे।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
दिनेश कार्तिक
ये सब तो खेल की बात हुई, लेकिन इससे हटकर आज भारतीय टीम का दिन भी नहीं था। अगर हार का दोष किसी पर मढ़ना हो तो फिर किस्तमत पर भी मढ़ा जा सकता है। आखिरी ओवर्स में दो मौके ऐसे आए जब भारत के दो चुनिश्चित चौके सिंगल में तब्दील हो गए। एक मौका अंतिम ओवर की पांचवीं गेंद पर हुआ, क्रुणाल की जोरदार स्ट्रेट ड्राइव स्टंप्स से जा टकरा गई। यदि गेंद स्टंप्स से नहीं टकराती तो निश्चित तौर पर वह चौका होता। अंत में भारतीय टीम और ऐतिहासिक सीरीज जीत के बीच चार रन का ही फासला रह गया।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें