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सनी हों या लक्ष्मण लेते हैं हिंदी ट्यूशन: सचिन-सौरव और कुंबले भी ले चुके कमेंट्री की ट्रेनिंग

Tue, 06 Apr 2021 10:28 AM IST
अंशुल तलमले हेमंत रस्तोगी नई दिल्ली
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- फोटो : social Media
विश्व कप हो या आईपीएल या फिर द्वीपक्षीय श्रृंखला नामी क्रिकेटरों का हिंदी में कमेंट्री करना आम हो गया है। यह हिंदी कमेंट्री की भारी लोकप्रियता है जिसने इन क्रिकेटरों को सहज नहीं होने के बावजूद हिंदी के ज्ञान के लिए मजबूर कर दिया है।  वीवीएस लक्ष्मण हों या फिर सुनील गावस्कर या 2019 के विश्व कप के दौरान सचिन तेंदुलकर इन सभी ने हिदी कमेंट्री के लिए हिंदी की ट्यूशन ली है। स्टार स्पोर्ट्स के सीईओ संजोग गुप्ता अमर उजाला से खुलासा करते हैं कि हिंदी कमेंट्री में क्रिकेटरों को दिक्कत नहीं आए इसके लिए उन्होंने हिंदी शिक्षक रखा है, जो इन नामी क्रिकेटरों को हिंदी की बारीकियां और शब्दों के चयन के बारे में बताते हैं।
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अनिल कुंबले, वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ - फोटो : सोशल मीडिया
लक्ष्मण लेते हैं मैच से पहले एक घंटे की हिंदी क्लास 
संजोग के मुताबिक जब वीवीएस लक्ष्मण ने हिंदी कमेंट्री शुरू की तो एक साल तक सप्ताह में दो बार हिंदी की ट्यूशन ली। आज भी लक्ष्मण मैच से पहले एक घंटे की हिंदी ट्यूशन लेते हैं। वह उस दौरान तय करते हैं कि उन्हें कमेंट्री के दौरान कौन से हिंदी के शब्द प्रयोग में लाने हैं। संजोग खुलासा करते हैं कि 2019 विश्व कप में सचिन तेंदुलकर अंग्रेजी में कमेंट्री करना चाहते थे, लेकिन उन्होंने उनको हिंदी कमेंट्री कराई। हिंदी में उन्हें उतारने से पहले दो सप्ताह तक उन्हें ट्रेनिंग दी गई। उनके हिंदी के ट्यूटर लगवाए गए। उन्हें बताया गया कि वह कौन सा शब्द अच्छा प्रयोग कर रहे हैं और कौन से अच्छे नहीं हैं। हर दिन मुंबई से इंग्लैंड फोन कॉल पर ट्रेनिंग सत्र चलता था। यही नहीं सौरव गांगुली, राहुल द्रविड के अलावा अनिल कुंबले ने भी हिंदी में कमेंट्री की तो उनके भी ट्यूटर लगाए गए। ट्यूशन का जिम्मा शिक्षक विकास का है और एनपी सिंह क्रिकेटरों को कहानी को संक्षेप में कहना बताते हैं साथ ही कमेंट्री केबाद फीडबैक देते हैं।
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सुनिव गावस्कर - फोटो : social Media
जब गावस्कर ने दिया बिंदी गेंद का नाम
संजोग के मुताबिक सुनील गावस्कर हिंदी कमेंट्री में आने से झिझकते थे। उन्हें लगता था कि वह हिंदी में खुलकर बात नहीं रख पाएंगे। उन्हें हिंदी कमेंट्री में लाने को छह से आठ माह लगे। ट्रेनिंग के दौरान सनी का हिंदी में एक अलग रूप नजर आया। वह पहले से ज्यादा खुल गए। ज्यादा विश्लेषण करने लग गए। तब उन्हें बताया गया कि उनका हिंदी कमेंट्री में व्यक्तित्व पूरी तरह निखर रहा है। उसके बाद उन्हें लगा कि हिंदी कमेंट्री में वह जितना प्रयोग करेंगे उतना अच्छा रहेगा। इसी दौरान निर्णय लिया कि हर कमेंटेटर को एक हिंदी स्टाइल दी जाएगी। जो उसकी पहचान होगी।  आकाश चोपड़ा को मिडिल नाम देने को कहा गया। वह विराट रन मशीन कोहली, ऋषभ धुआंधार पंत, रोहित हिटमैन शर्मा जैसे नाम देते हैं। तो गावस्कर से जब पूछा गया कि आप कौन सा हिंदी स्टाइल निकालेंगे। तो उन्होंने कहा कि वह अंग्रेजी के क्रिकेट शब्दों का हिंदी में अनोखे ढंग से रूपांतरण करेंगे। इसी में उन्होंने डॉट बॉल को बिंदी गेंद का नाम दिया।
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आईपीएल 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
लॉकडाउन में टूटे सारे रिकार्ड 
लॉकडाउन में आईपीएल को हिंदी में अपार सफलता  मिली। संजोग के मुताबिक 41 करोड़ लोगों ने टीवी पर हिंदी में आईपीएल देखा। ऐसा कभी नहीं हुआ। इस बार आईपीएल में हिंदी कमेंट्री के लिए अजीत अगरकर, आकाश चोपड़ा, इरफान पठान, किरन मोरे, पार्थिंव पटेल, आरपी सिंह को आजमाया जा रहा है।
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