फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टीम इंडिया के इन बल्लेबाजों से बेहद निराश हुए गावस्कर, बोले- इतना अच्छा मौका गंवा दिया

Fri, 01 Feb 2019 10:29 AM IST
kapil kumar स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
अंबाती रायुडू
महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने कहा कि वह न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे वन-डे में टीम इंडिया की हार से ज्यादा चिंतित नहीं है, लेकिन उन्होंने साथ ही कहा कि ओपनर्स के नहीं चलने के बाद मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों ने हाथ में आया अच्छा खासा मौका गंवा दिया। विराट कोहली की गैरमौजूदगी में शुभमन गिल के पास अपने आप को साबित करने का मौका था। इसके अलावा अंबाती रायुडू, दिनेश कार्तिक और केदार जाधव के पास भी अपनी उपयोगिता साबित करने का शानदार मौका था।
विज्ञापन

2 of 5
रोहित शर्मा और विराट कोहली
टीम इंडिया पिछले कुछ वर्षों में अपने शीर्ष तीन बल्लेबाज शिखर धवन, रोहित शर्मा और विराट कोहली पर काफी हद तक निर्भर रहती है। भारत के मिडिल ऑर्डर को लेकर कुछ चिंताएं लगातार बनी हुई है और अब जब विश्व कप पास में है तो जाधव, रायुडू और कार्तिक पर इस जगह को भरने की जिम्मेदारी है। हालांकि, कोई बल्लेबाज चौथे वन-डे में नहीं हिट हुआ और इसका नतीजा यह रहा कि टीम इंडिया केवल 92 रन पर ढेर हो गई, जो वन-डे में उसका सातवां सबसे कम स्कोर है।
विज्ञापन

3 of 5
kedar jadhav
भारतीय बल्लेबाजों ने गुरुवार को हैमिल्टन में तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट के सामने सरेंडर किया। इसके बाद मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज भी फ्लॉप रहे। गावस्कर ने कहा, 'केदार जाधव और शुभमन गिल जैसे बल्लेबाजों ने बड़ा मौका गंवा दिया। ओपनर्स के आउट होने के बाद आपके पास करीब 40 ओवर बल्लेबाजी करने का समय था। कभी आपके ओपनर्स बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं तो कभी विराट 30-40 ओवर क्रीज पर जमे होते हैं। तब आपको अपने और टीम के लिए बड़ा स्कोर बनाने का क्या मौका मिलता है।'

4 of 5
दिनेश कार्तिक
गावस्कर ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा, 'आपको 10-15 ओवर मिलते है तब। अब जब परिस्थिति ऐसी थी कि दोनो ओपनर्स पहले 10 ओवर के भीतर पवेलियन लौट चुके थे, तो मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों के लिए शानदार मौका था। इन्होंने हाथ में आया सुनहरा मौका गंवा दिया।'
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
अंबाती रायुडू
रायुडू के आउट होने पर गावस्कर काफी निराश हुए। उन्होंने कहा, 'रायुडू को चौथे क्रम की जिम्मेदारी समझना होगी। उन्होंने परिस्थिति को नहीं समझा और इसका नुकसान झेलना पड़ा। उनके पास क्रीज पर जमने के लिए कई ओवर्स का समय था। करीब 40 ओवर बल्लेबाजी करने का मौका था। आपके दो सबसे अनुभवी बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे, ऐसे में रायुडू के पास सीनियर क्रिकेटर की भूमिका निभाने का मौका था और धैर्य बरतते हुए बड़ी पारी खेलनी थी।'
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें