सौरव गांगुली
गांगुली ने कहा, 'हर कोई कहता है कि यह मैदान पर आइकोनिक मोमेंट था। मगर मैं ऐसा कभी दोबारा नहीं करना चाहता। मैं बहुत ही रूढ़िवादी और शर्मीले बंगाली परिवार से ताल्लुक रखता हूं। वह सिर्फ जोश में हो गया था। मेरे ख्याल से उस समय मेरी मानसिकता बिलकुल अलग थी।'