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क्या बढ़ेगा कोच रवि शास्त्री का कार्यकाल, गांगुली ने दिया यह दो टूक जवाब

Sat, 07 Dec 2019 09:15 AM IST
Rohit Ojha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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सौरव गांगुली-रवि शास्त्री - फोटो : सोशल मीडिया
बीसीसीआई अध्यक्ष सौरभ गांगुली ने मुख्य कोच रवि शास्त्री के साथ मतभेदों की अटकलों को कोरी अफवाह बताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में लोगों को परखने का मानदंड बस प्रदर्शन होगा। शास्त्री और गांगुली के बीच मतभेद 2016 में सार्वजनिक हुए थे, जब शास्त्री ने कोच के पद के लिए आवेदन किया था और गांगुली उस समय क्रिकेट सलाहकार समिति में थे जिसने अनिल कुंबले को टीम इंडिया के कोच के तौर पर चुना था।
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Ravi shastri And Sourav Ganguly
अगले साल शास्त्री कोच बने जब कुंबले ने कप्तान विराट कोहली के साथ मतभेद के कारण इस्तीफा दे दिया। गांगुली ने शुक्रवार को इंडिया टुडे कांक्लेव में कहा कि ये सब अटकलें हैं। मेरे पास इन सवालों का जवाब नहीं है। उनसे पूछा गया था कि अतीत के मतभेदों के कारण शास्त्री को लेकर उनके पूर्वग्रह हैं। उन्होंने कहा कि अच्छा प्रदर्शन करिए और पद पर बने रहिए। प्रदर्शन खराब होगा तो कोई और आएगा। जब मैं खेलता था, तब भी यही नियम था। उन्होंने कहा कि अटकलें, खुलासे और कयास लगते रहेंगे, लेकिन फोकस 22 गज के बीच प्रदर्शन पर रहना चाहिए। कोच का कर्यकाल का तभी बढ़ता है, जब टीम बेहतरीन प्रदर्शन करती है।
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सौरव गांगुली - फोटो : ट्विटर
गांगुली ने विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रदर्शन अहम है और उसका कोई विकल्प नहीं है। गांगुली ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में कोहली सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति है क्योंकि वह कप्तान हैं। टी-20 विश्व कप 2020 के बारे में उन्होंने कहा कि यह प्रारूप बेखौफ क्रिकेट खेलने के बारे में है। टीम में अपनी जगह पक्की करने की सोच लेकर मैदान पर ना उतरें।

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सचिन-गांगुली - फोटो : ट्विटर
क्रिकेटर से प्रशासक बने गांगुली ने कहा कि हितों के टकराव के मसले के कारण पूर्व क्रिकेटर प्रशासनिक भूमिका के लिए बोर्ड में नहीं आ पा रहे। उन्होंने कहा कि हितों के टकराव के कारण पूर्व क्रिकेटर बोर्ड में नहीं आ पा रहे। सचिन जैसे खिलाड़ी को भी जाना पड़ा। यह प्रशासकों पर लागू होना चाहिए, क्रिकेटरों पर नहीं।
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जय शाह - फोटो : सोशल मीडिया
गृहमंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह बोर्ड के सचिव है, लेकिन गांगुली ने कहा कि उसका निष्पक्ष आकलन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जय शाह ने एक चुनाव जीता है। उनका निष्पक्ष आकलन किया जाना चाहिए। उसके पिता राजनेता है लेकिन उसका आकलन निजी तौर पर होना चाहिए।
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गांगुली-ईडन गार्डन - फोटो : अमर उजाला
गांगुली ने साफ तौर पर कहा कि बीसीसीआई के मामलों में कोई राजनीतिक दखल नहीं है, लेकिन स्वीकार किया कि प्रभावी लोग खेल के संचालन में शामिल रहेंगे। उन्होंने कहा कि दिवंगत अरुण जेटली जी खेल से प्यार करते थे, लेकिन बीसीसीआई में उन्होंने कोई पद नहीं लिया। दिल्ली क्रिकेट में उनका काफी सम्मान है।
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