सचिन तेंदुलकर
मास्टर ब्लास्टर ने कहा, 'मैंने पृथ्वी से कहा कि वह अपना स्टांस और बल्ला पकड़ने का तरीका नहीं बदले। अगर भविष्य में कोई कोच उन्हें इसमें कोई सुधार करने को कहे तो बात अलग है। अगर कोई उन्हें कुछ बदलने के लिए कहता है, तो मैंने कहा कि उसे बोलना कि मुझसे आकर बात करे। कोचिंग अच्छी है, लेकिन किसी खिलाड़ी का खेल बदलने से परेशानी होती है।'