2013 से पहले एस श्रीसंत की पहचान टीम इंडिया के उस जांबाज खिलाड़ी की थी, जो मुश्किल समय में भी हार नहीं मानता। हारी हुई बाजी को अपने पक्ष में करने के लिए भी जी-जान लगा देता था। श्रीसंत की धारदार गेंदबाजी के बूते ही युवाओं से सजी भारतीय टीम 2007 में पहला वर्ल्ड टी-20 जीतने में कामयाब रही थी, लेकिन फिर स्पॉट फिक्सिंग का वह जिन्न निकला, जिसने इस खिलाड़ी का करियर चौपट कर दिया।