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AUSvIND: जडेजा के कनकशन सबस्टीट्यूट ने छेड़ी नई बहस, दो हिस्सों में बंटा विश्व क्रिकेट

Sat, 05 Dec 2020 06:59 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रवींद्र जडेजा - फोटो : social media
कैनबरा में शुक्रवार रात खेला गया पहला टी-20 जीत-हार से ज्यादा कनकशन सबस्टीट्यूट की वजह से याद रखा जाएगा। भारतीय टीम ने दो खिलाड़ियों के बूते मुकाबले में जीत हासिल की। पहले रवींद्र जडेजा, जिन्होंने अंतिम ओवर्स में ताबड़तोड़ 23 गेंदों में पांच चौके और एक छक्के की मदद से 44 रन ठोके। दूसरे युजवेंद्र चहल, जिन्होंने चार ओवर्स में 25 रन देकर तीन विकेट चटकाए। जड्डू की वजह से ही भारत 161 रन बना पाया। बल्लेबाजी के दौरान हेलमेट पर गेंद लगने के कारण जडेजा क्षेत्ररक्षण करने नहीं आए। युजवेंद्र चहल को बतौर कनकशन सबस्टीट्यूट भेजा गया। प्लेइंग इलेवन में शामिल न किए गए चहल ने इस मौके को भुनाते हुए भारत की जीत की स्क्रिप्ट लिखी, जिसके बाद विश्व क्रिकेट में अब एक नई बहस छिड़ चुकी है।
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- फोटो : social media
हेनरिक्स ने उठाया सवाल
ऑस्ट्रेलिया के कोच जस्टिन लैंगर दूसरी पारी शुरू होने से ठीक पहले काफी नाराज नजर आ रहे थे। वह जडेजा की जगह चहल को बतौर कनकशन सबस्टीट्यूट भेजे जाने के खिलाफ थे। हालांकि ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान आरोन फिंच ने इस बात को अधिक तवज्जो नहीं दी, लेकिन उन्हीं की टीम के मोजेस हेनरिक्स आपत्ति जताते हैं। मैच के बाद उन्होंने सवाल किया कि, 'आईसीसी का नियम ठीक है, कनकशन विकल्प होना चाहिए। हम विकल्प लाने के फैसले के बारे में बात नहीं कर रहे हैं। हम सिर्फ एक चीज कह रहे हैं कि विकल्प उसी खिलाड़ी की तरह होना चाहिए। जडेजा एक हरफनमौला है और वह अपनी बल्लेबाजी कर चुके थे। चहल पूरी तरह से गेंदबाज हैं।'
 
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- फोटो : file photo
लक्षण 24 घंटे बाद तक भी दिखते हैं: सहवाग
पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि भारतीय टीम रवींद्र जडेजा के कनकशन विकल्प को लेने में बिलकुल सही थी क्योंकि सिर की चोट से संबंधित लक्षण गेंद लगने के 24 घंटे बाद तक भी दिखाई दे सकते हैं। सहवाग ने कहा, 'जब स्टीव स्मिथ को सिर पर गेंद लगी थी तो मार्नस लाबुशेन उनकी जगह बल्लेबाजी करने आए थे और उन्होंने रन बनाए थे। इसलिए ऑस्ट्रेलिया को भी यह फायदा मिला था। इसलिए मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलिया को शिकायत नहीं करनी चाहिए।' यह भी पढ़ें: बिना टीम में रहे युजवेंद्र चहल ने कैसे जिताया मैच, जानें कनकशन सब्स्टीट्यूट के बारे में सबकुछ

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जडेजा हैमस्ट्रिंग से भी जूझ रहे हैं - फोटो : ट्विटर
कपिल देव और अतुल वासन की राय भी जुदा
1983 विश्व विजेता पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने कहा कि नियमों के मुताबिक यह भले ही सही हो, लेकिन युजवेंद्र चहल से गेंदबाजी कराना नैतिक तौर पर गलत है। उधर पूर्व भारतीय क्रिकेटर और दिल्ली क्रिकेट संघ के पदाधिकारी अतुल वासन ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया साम-दाम-दंड भेद सबका इस्तेमाल करता है इसलिए अगर भारत में भी ऐसा किया और नियमत: किया तो इसमें कोई गलत बात नहीं है। यह भी पढ़ें: 12वें खिलाड़ी ने दिलाई पहले T-20 में भारत को जीत, जब बीच मैच में हुआ विवाद
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संजय मांजरेकर - फोटो : सोशल मीडिया
एक अहम प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ: मांजरेकर
हेलमेट पर गेंद लगने के बाद भी जडेजा ने बल्लेबाजी जारी रखी और भारतीय टीम के खाते में नौ रन और जोड़े। भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने सवाल किया कि जब आखिरी ओवर में जडेजा के हेलमेट पर गेंद लगी तो उनकी जांच करने के लिए फिजियो मैदान पर क्यों नहीं गए। मांजरेकर ने कहा, 'प्रोटोकॉल कहता है कि जैसे ही आपके हेलमेट पर गेंद लगे मेडिकल टीम बल्लेबाज के साथ वक्त बिताती है। उससे पूछती है कि उसे कैसा लग रहा है फिजियो वहां आते हैं और फिर बल्लेबाज से कुछ सवाल पूछते हैं। जडेजा के साथ ऐसा नहीं हुआ। खेल जरा भी नहीं रुका और उन्होंने बल्लेबाजी करनी जारी रखी।' यह भी पढ़ें: जिस कनकशन नियम के सहारे जीती टीम इंडिया, कप्तान कोहली ने उसी को बताया अजीबोगरीब
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रवींद्र जडेजा - फोटो : social media

जडेजा ने की थी चक्कर आने की शिकायत
भारतीय बल्लेबाज संजू सैमसन ने मैच के बाद वर्चुअल मीडिया कांफ्रेंस के दौरान पत्रकारों से कहा, 'उनके हेलमेट में अंतिम ओवर (मिचेल स्टार्क के) में गेंद लगी और जब वह ड्रेसिंग रूम में आए थे तो फिजियो (नितिन पटेल) ने उनसे पूछा कि उन्हें कैसा लग रहा है। उन्होंने (जडेजा ने) कहा कि वह थोड़े चक्कर महसूस कर रहे हैं। टीम के डॉक्टर (अभिजीत साल्वी) की सलाह के अनुसार उन पर नजर रखी जा रही है।' यह भी पढ़ें: टीम इंडिया के लिए बुरी खबर, पूरी T-20 सीरीज से बाहर हुए जडेजा

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जडेजा हैमस्ट्रिंग से भी जूझ रहे हैं - फोटो : ट्विटर
टेलर ने कनकशन नियम के दुरुपयोग के खिलाफ आगाह किया
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान मार्क टेलर ने कनकशन विकल्प नियम के दुरुपयोग के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि यह खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए है और इसका उचित और जिम्मेदारी से इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'कनकशन नियम खिलाड़ी को बचाने के लिए है। अगर इसका दुरुपयोग हुआ तो हो सकता है कि इसका हश्र 'रनर' नियम के जैसा होगा। रनर नियम को इसलिए खत्म किया गया क्योंकि इसका दुरुपयोग हो रहा था। यह खिलाड़ियों पर है कि वे कनकशन नियम को सही तरीके और जिम्मेदारी से लागू करें।'

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सुनील गावस्कर - फोटो : ट्विटर
मैं कनकशन विकल्प के नियम से सहमत नहीं: गावस्कर
टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज सुनील गावस्कर  कनकशन विकल्प के नियम से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि रविन्द्र जडेजा की जगह 'कनकशन विकल्प’ के तौर पर युजवेंद्र चहल के मैदान में उतरने पर नियमों के तहत कुछ भी गलत नहीं लग रहा है लेकिन उनका मानना है कि बाउंसर का सामना करने में नाकाम रहे बल्लेबाज की जगह किसी और को मैदान में उतरने का मौका नहीं मिलना चाहिए। गावस्कर ने कहा, 'वह हालांकि कनकशन विकल्प के नियम से सहमत नहीं हैं। मैं आपको पुराने ख्याल का लग सकता हूं। अगर आप बाउंसर नहीं खेल सकते है और गेंद आपके सिर में लगती है तो ऐसे में आप विकल्प लेने के लायक नहीं है।'
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मोहम्मद कैफ
जडेजा को जितना सम्मान मिलता है वह उससे अधिक के हकदार: कैफ
टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने कहा कि, जडेजा ने लगातार दो मैचों में साबित किया कि वह सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारत के लिए इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं। वह टीम को जरूरी संतुलन प्रदान करते हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 11 साल के बाद भी उन्हें कमतर आंका जाता है। उन्हें जितना सम्मान मिलता है वह उससे अधिक के हकदार है।
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