मनु भाकर और सौरभ चौधरी
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शूटिंग, रियो की विफलता टोक्यो में धोने की बारी
व्यक्तिगत खेलों की बात करें तो शूटिंग ओलंपिक में देश का सबसे सफल खेल है (एक स्वर्ण, दो रजत, एक कांस्य), लेकिन 2016 के रियो ओलंपिक में निशानेबाजों की विफलता ने सभी का दिल तोड़ा था। इस बार टोक्यो ओलंपिक के लिए रिकॉर्ड 15 ओलंपिक कोटे भारतीय शूटरों ने हासिल किए हैं। सौरभ चौधरी, मनु भाकर, अपूर्वी चंदेला जैसे शूटरों ने विश्व कीर्तिमानों को ध्वस्त किया है। पिछली बार की तरह इस बार भी शूटरों से ओलंपिक में पदकों की उम्मीद की जा रही है।
इस बार मिक्स इवेंट (10 मीटर एयर राइफल और 10 मीटर एयर पिस्टल) के शामिल होने से ओलंपिक पदक की उम्मीदें और अधिक परवान चढ़ी हैं। फिलहाल तो एनआरएआई की चयन नीति के तहत निशानेबाजोें के बीच ट्रायल के जरिए ओलंपिक टीम में जगह बनाने की होड़ शुरू होगी। जाहिर है यहां विवाद भी सामने आएंगे। इस बीच फरवरी माह में कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में विश्व कप भी आयोजित किया जाएगा।