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विश्वकप का सबसे रोचक मैच, भारत का स्कोर था 9/4, फिर कपिल देव ने ऐसे पलटी थी बाजी

Wed, 01 May 2019 11:50 PM IST
Sumit kumar स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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कपिल देव - फोटो : getty
भारतीय क्रिकेट को लोकप्रियता के चरम पर पहुंचाने के मामले में कपिल देव का अहम योगदान माना जाता है। साल 1983 के विश्व कप में कपिल ने एक ऐसी पारी खेली थी जिसने टीम इंडिया के टेंशन को दूर कर दिया और कुछ दिन बाद इसी टीम ने इतिहास ही रच दिया।
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कपिल देव
कपिल देव ने मैदान पर उस समय धमाकेदार पारी खेली थी जब टी-20 क्रिकेट का कोई नॉमोनिशान ही नहीं था और वनडे में भी 4 रन के औसत की बल्लेबाजी को भी तेज माना जाता था। उस समय कपिल ने मैदान के चारो ओर चौकों-छक्कों की बारिश कर दी थी और अकेले अपने दम पर विपक्षी टीम को हरा दिया था। क्रिस गेल से 3 दशक पहले ही कपिल ने उनकी जैसी विस्फोटक पारी खेली थी।
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कपिल देव कैच - फोटो : file
कपिल देव के दम पर भारत यह मैच इसलिए जीता था क्योंकि उन्होंने इस मैच में टीम इंडिया की ओर से बनाए रन में 66 फीसदी योगदान अपने बल्ले से दिया था। और वह भी तब जब वह बल्लेबाजी करने आए तो टीम के 5 विकेट महज 17 रन पर गिर गए थे।

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sunil gavaskar and kapil dev
वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचने से पहले भारतीय टीम खिताब की प्रबल दावेदार नहीं थी। लीग चरण में जिम्बाब्वे के खिलाफ उसकी हालत बेहद खराब हो गई थी और उसके 4 विकेट 9 रन पर ही गिर गए थे। टीम गहरे संकट में थी क्योंकि इतने खराब प्रदर्शन से भारत पर हार का संकट दिख रहा था।
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कपिल देव - फोटो : getty
इंग्लैंड के टनब्रिज वेल्स के नेविल ग्राउंड में 18 जून 1983 को वर्ल्ड कप के लीग चरण में भारत और जिम्बाब्वे के बीच मुकाबला खेला जा रहा था। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने गजब की शुरुआत की और 9 रन पर ही भारत के 4 विकेट झटक लिए, फिर 17 रन पर उसका एक और विकेट गिर गया। टीम इंडिया पर पूरे ओवर भी खेल पाने का संकट मंडराने लगा।
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कपिल देव - फोटो : getty
चार विकेट गिरने के बाद कपिल देव क्रीज पर आए लेकिन उनके सामने पांचवां विकेट गिरने के बाद उन्होंने अकेले ही मोर्चा संभाला और 138 गेंदों में नाबाद 175 रनों की परी खेल डाली। कपिल की पारी का तोड़ अफ्रीकी टीम के गेंदबाजों के पास नहीं था। उन्होंने अपनी पारी में 16 चौके और 6 छक्के जमाए।
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कपिल देव (लॉर्ड्स) - फोटो : ESPN
कपिल ने नाबाद 175 रन बनाए। आप यह जानकर चौंक जाएंगे कि भारत की ओर से इस मैच में दूसरा श्रेष्ठ स्कोर था नाबाद 24 रन जो सैयद किरमानी ने बनाए थे। कपिल की आतिशी पारी के दम पर भारत ने 60 ओवर में 8 विकेट पर 266 रन बना लिए।

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कपिल देव - फोटो : Cricket Country
कपिल की ऐतिहासिक पारी के बाद भारतीय गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे की टीम को लक्ष्य के पास जाने भी नहीं दिया और 57 ओवर में 235 रनों पर आउट कर टीम को बड़ी जीत दिला दी। इस शानदार जीत के 7 दिन बाद कपिल देव की अगुवाई में टीम इंडिया ने 1983 का वर्ल्ड कप खिताब जीत लिया।
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कपिल देव (वर्ल्ड कप 1983) - फोटो : twitter
यही  वर्ल्ड कप है जिसके बाद भारत में क्रिकेट ने अपार लोकप्रियता हासिल की और अन्य खेलों को पीछे छोड़ते हुए भारत का सबसे लोकप्रिय खेल बन गया। इसमें कपिल देव की इस यादगार पारी का योगदान सबसे ज्यादा है।
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