फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Happy Birthday Kapil Dev: वह इकलौता टेस्ट मैच जब कपिल देव हुए टीम से बाहर, नाराज लोगों ने गावस्कर को कहा- गो बैक

Wed, 06 Jan 2021 03:46 PM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 7
कपिल देव - फोटो : twitter@CricketopiaCom
क्रिकेट जगत के महानतम कप्तानों और ऑलराउंडरों में से एक भारत के दिग्गज कपिल देव आज अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं। भारत को अपनी कप्तानी में पहला विश्व कप का खिताब दिलाने वाले पूर्व कप्तान कपिल देव क्रिकेट के हर क्षेत्र में अव्वल रहे। उन्होंने बल्लेबाजी से लेकर गेंदबाजी तक और फील्डिंग से लेकर टीम की कमान संभालने तक, हमेशा अपना सौ प्रतिशत दिया। यही कारण है कि दुनियाभर के क्रिकेटरों में उनका विशेष स्थान है। 
विज्ञापन

2 of 7
कपिल देव - फोटो : ट्विटर
6 जनवरी 1959 में चंडीगढ़ जन्में कपिल देव रामलाल निखंज ने अपने 16 साल के क्रिकेट करियर में कई कीर्तिमान बनाए और रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराया। वह टेस्ट क्रिकेट इतिहास में एकलौते ऐसे खिलाड़ी रहे जिसने 5000 रन बनाए और 400 से अधिक विकेट चटकाए। क्रिकेट के मैदान में बल्ले और गेंद से विरोधियों को पस्त करने वाले कपिल सामाजिक जीवन में बेहद शांत स्वभाव के रहे। वैसे तो उनसे जुड़ी कई यादें और किस्से हैं जो उनके प्रशंसकों के दिलों में हैं लेकिन एक वाकया ऐसा भी है जिससे उनकी प्रसिद्धि और दीवानगी का अंदाजा लगाया जा सकता है। 
विज्ञापन

3 of 7
कपिल देव - फोटो : ट्विटर
कपिल देव ने 1978-1994 की अवधि में 131 टेस्ट मैच खेले, इस दौरान उन्होंने 5248 रन और 434 विकेट हासिल किए। अगर उन्हें 1984-85 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच से बाहर नहीं किया गया होता तो उनका टेस्ट करियर लगातार 132 टेस्ट मैचों का होता। कपिल देव ने भारत की तरफ से लगातार 66 टेस्ट खेले और इसके बाद उन्हें टीम से निकाल दिया गया। लेकिन एक टेस्ट के बाद ही उनकी टीम में वापसी हुई और उन्होंने फिर लगातार 65 टेस्ट खेले।

4 of 7
कपिल देव - फोटो : social Media
दरअसल 1984/85 में इंग्लैंड की टीम भारत दौरे पर 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेल रही थी। तब बंबई में खेला गया पहला टेस्ट भारत ने जीता था। लेकिन इसके बाद भारत को दिल्ली टेस्ट में हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में भारत की हार के लिए में कपिल देव की गैरजिम्मेदाराना बल्लेबाजी को जिम्मेवार ठहराया गया। कपिल ने तब दूसरी पारी में आक्रामक बल्लेबाजी करने के सोचा और 6 गेंदों में 7 रन बनाए लेकिन फिर 4 मिनट क्रीज पर बिताने के बाद छक्का मारने के चक्कर में कैच आउट होकर पवेलियन लौट गए। 
विज्ञापन

5 of 7
कपिल देव - फोटो : twitter@CricketopiaCom
भारत की इस हार के बाद कपिल देव को अगले टेस्ट के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया। कोलकाता टेस्ट में टीम इंडिया बिना कपिल देव के उतरी। यह देखकर ईडन गार्डन्स में मैच देखने आए उनके प्रशंसक काफी नाराज हुए। दर्शकों ने मैच के दौरान ही कप्तान गावस्कर के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी- 'वी वांट कपिल, गावस्कर गो बैक।' स्टेडियम की दीवारों पर यह तक लिख दिया गया, 'नो कपिल नो टेस्ट।' 
विज्ञापन

6 of 7
sunil gavaskar and kapil dev
इस पूरे मामले में 32 साल बाद गावस्कर ने यह कहते हुए अपनी चुप्पी तोड़ी थी कि कपिल देव को टीम से बाहर निकाले जाने में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने कहा कि कोई भी कप्तान अपने स्टार खिलाड़ी को टीम से बाहर निकालने की मूर्खतापूर्ण सलाह नहीं दे सकता था। उन्होंने स्पष्ट किया कि कपिल देव को बाहर निकाले जाने का फैसला चयनकर्ताओं का था।

हालांकि इस पूरे वाकये के बाद कपिल देव की मद्रास टेस्ट में वापसी हुई। लेकिन भारत ने इंग्लैंड के हाथों वह सीरीज 1-2 से गंवा दी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
कपिल देव - फोटो : ट्विटर @BCCI
कपिल की महानता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपने 16 साल के क्रिकेट करियर में कुल 356 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले (131 टेस्ट और 225 एकदिवसीय) खेले। इस दौरान उन्होंने कुल 9031 रन (5248 टेस्ट और 3783 वनडे में) बनाए, इसके अलावा उन्होंने गेंदबाजी में भी 687 विकेट (434 टेस्ट और 253 वनडे) हासिल किए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें