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IPL 2022 TV Rating: आईपीएल की टीवी रेटिंग 30 फीसदी तक गिरी, जानें क्यों दर्शकों को नहीं रास आया यह सीजन

Mon, 06 Jun 2022 03:51 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इस साल आईपीएल की टीवी रेटिंग 30 फीसदी तक गिर गई। टूर्नामेंट की शुरुआत में यह आंकड़ा 35 फीसदी था, जो बाद में कम हुआ। यहां हम आईपीएल की लोकप्रियता कम होने की वजह बता रहे हैं। मैचों की संख्या बढ़ना और स्टार खिलाड़ियों का फ्लॉप शो इसमें से प्रमुख है। 
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फाइनल मैच के दौरान गुजरात टाइटंस की टीम - फोटो : IPL/BCCI
आईपीएल 2022 में गुजरात टाइटंस को चैंपियन बनाकर हार्दिक पांड्या ने भले ही अच्छी-खासी लोकप्रियता हासिल को हो, लेकिन इस साल आईपीएल की लोकप्रियता में भारी कमी आई है। शुरुआती चार हफ्तों में आईपीएल के दर्शको में 35 फीसदी और बाद में 30 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई। आईपीएल के इतिहास में पहली बार दर्शकों की संख्या में इतनी कमी आई है। पिछले सालों की तुलना में कम लोगों ने टीवी पर आईपीएल के मैच देखे हैं। इस साल इस टूर्नामेंट में दो नई टीमें शामिल की गईं। इसके बाद माना जा रहा था कि दर्शकों की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी और लोग ज्यादा से ज्यादा मैच देखेंगे। हालांकि, इसके उलट दर्शकों की संख्या में कई आई। इसके बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों दर्शकों को आईपीएल के मैच नहीं पसंद आए। यहां हम इसी सवाल का जवाब जानने की कोशिश करेंगे। 

आईपीएल में दर्शकों की संख्या कम होने की सबसे बड़ी वजह स्टार खिलाड़ियों का फ्लॉप शो रहा है। इस सीजन महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों का बल्ला खामोश रहा। चेन्नई और मुंबई जैसी लोकप्रिय टीमें कुछ खास नहीं कर पाईं। इसी वजह से दर्शकों ने आईपीएल का यह सीजन पहले जैसी रुचि के साथ नहीं देखा। 
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1. 18 महीने में चौथी बार आईपीएल का आयोजन

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आईपीएल 2022 समापन समारोह - फोटो : IPL/BCCI
हर साल अप्रैल और मई के महीने में आईपीएल खेला जाता है, लेकिन कोरोना महामारी के आने के बाद 2020 में इस टूर्नामेंट को स्थगित करना पड़ा। इसके बाद 2021 में आईपीएल शुरू तो समय पर हुआ, लेकिन इसे खत्म होने में कई महीने लग गए। अक्तूबर में आईपीएल 2021 का फाइनल खेला गया और पांच महीने बाद आईपीएल 2022 शुरू हो गया। 2021 का आईपीएल दो हिस्सों में हुआ। इस वजह से पिछले 18 महीने के अंदर चार बार आईपीएल का आयोजन हो चुका है और दर्शकों की रुचि इस टूर्नामेंट से कम हुई है। 
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2. दो नई टीमों के आने से मैच बढ़े, टूर्नामेंट नीरस हुआ

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लखनऊ के कप्तान राहुल और गुजरात के कप्तान हार्दिक - फोटो : twitter@IPL
आईपीएल में दो नई टीमों के आने के बाद माना जा रहा था कि दर्शकों की संख्या में इजाफा होगा, लेकिन हुआ इसका उल्टा। दर्शक कम हो गए। दो नई टीमों के आने से मेगा ऑक्शन हुआ और पुरानी टीमें सिर्फ चार खिलाड़ियों को रीटेन कर पाईं। नीलामी खत्म होने के बाद हर टीम नई हो चुकी थी। 60 मैचों का टूर्नामेंट 74 मैच का हो गया। दर्शकों के पसंदीदा खिलाड़ी बंट गए और उन्हें टूर्नामेंट का फॉर्मेट समझने में ही परेशानी होने लगी। इसी वजह से लोगों ने मैच देखना कम कर दिया।

3. धोनी-कोहली का फ्लॉप शो

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विराट कोहली और महेंन्द्र सिंह धोनी - फोटो : IPL/BCCI
विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े खिलाड़ियों में से एक हैं। ये दोनों अब तक अपनी आईपीएल टीम के कप्तान थे, लेकिन इस बार दोनों ने ही कप्तानी छोड़ दी। धोनी बाद में कप्तान बने, लेकिन बल्ले के साथ दोनों का प्रदर्शन बहुत खराब रहा है। इसी वजह से इन खिलाड़ियों के लाखों फैंस अब आईपीएल देखना पसंद नहीं करते हैं। भारत के मौजूदा कप्तान रोहित शर्मा भी इस सीजन बल्ले से कोई कमाल नहीं कर पाए। 
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4. चेन्नई और मुंबई जैसी लोकप्रिय टीमों का खराब प्रदर्शन

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मुंबई इंडियंस बनाम चेन्नई सुपर किंग्स - फोटो : IPL/BCCI
चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस आईपीएल की दो सबसे सफल और लोकप्रिय टीमें हैं। इन टीमों के फैंस की संख्या सबसे ज्यादा है। इस सीजन इन्हीं दो टीमों का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। मुंबई आईपीएल इतिहास में पहली बार दसवें पायदान पर रही। वहीं, चेन्नई सिर्फ दूसरी बार प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाई। ये दोनों टीमें सबसे पहले प्लेऑफ की रेस से बाहर हुई थीं और इन दोनों टीमों के प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें खत्म होने के बाद फैंस ने आईपीएल देखना बंद कर दिया। 
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5. रैना, गेल, डिविलियर्स जैसे खिलाड़ी आईपीएल का हिस्सा नहीं

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क्रिस गेल, सुरेश रैना और एबी डिविलियर्स - फोटो : IPL/BCCI
आईपीएल में सुरेश रैना, एबी डिविलियर्स और क्रिस गेल जैसे खिलाड़ी इस बार आईपीएल का हिस्सा नहीं थे। ये दिग्गज आईपीएल के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक हैं। इनके जाने से आईपीएल में फैंस की रुचि कम हुई है। रैना-धोनी और कोहली-डिविलियर्स की जोड़ी फैंस को बहुत पसंद आती थी, लेकिन इस बार ये जोड़ी भी नहीं है और फैंस को मैच देखने में मजा नहीं आ रहा। 
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6. दक्षिण भारतीय फिल्में मनोरंजन का बेहतर जरिया बनीं 

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केजीएफ 2 और आरआरआर - फोटो : सोशल मीडिया
आमतौर पर आईपीएल के समय में बॉलीवुड की बड़ी फिल्में नहीं रिलीज होती थीं। ऐसा माना जाता था कि आईपीएल की वजह से फिल्म की कमाई कम होगी, लेकिन दक्षिण भारतीय फिल्मों ने यह मिथक तोड़ा। पहले आरआरआर और फिर केजीएफ-2 जैसी बड़े बजट की फिल्में रिलीज हुईं और दर्शकों ने इन फिल्मों को बहुत पसंद किया। केजीएफ-2 ने बॉक्स ऑफिस पर 1250 करोड़ कमाए। वहीं, आरआरआर ने 1115 करोड़ की कमाई की। आईपीएल छोड़ बड़ी संख्या में दर्शक फिल्म देखने गए। इस वजह से भी आईपीएल की रेटिंग कम हुई। 

7. बोर्ड परीक्षाएं

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यूपी बोर्ड की परीक्षाएं - फोटो : अमर उजाला
आमतौर पर बोर्ड परीक्षाएं खत्म होने के बाद ही आईपीएल के अधिकतर मैच खेले जाते थे। ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चे आराम से आईपीएल के मैच देखते थे, लेकिन कोरोना की वजह से परीक्षाएं देरी से हुईं। इस वजह से स्कूली छात्र परीक्षा की तैयारी में लगे रहे और आईपीएल के मैच नहीं देख पाए। उनको पढ़ाई का माहौल देने के लिए घर के बाकी सदस्यों ने भी मैच नहीं देखे और आईपीएल के दर्शकों की संख्या में कमी आई। 

8. होम ग्राउंड न होने से रोमांच कम हुआ 

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वानखेड़े स्टेडियम - फोटो : twitter@BCCI
आईपीएल 2019 तक सभी टीमें अपने आधे मैच घरेलू मैदान में खेलती थीं। हर टीम के घरेलू मैदान की पिच अलग होती थी और उसी पिच के आधार पर टीम तैयार की जाती थी। खिलाड़ियों को तैयार किया जाता था। दर्शक अपनी पसंदीदा टीम के मैच मैदान पर जाकर देखते थे, उनकी रुचि बढ़ती थी। इसके बाद बाकी मैच टीवी पर देखे जाते थे। मुंबई और राजस्थान जैसी टीमों को उनके घरेलू मैदान में हराना मुश्किल होता था, लेकिन इस बार सभी लीग मैच चार मैदानों पर ही खेले गए। चारों मैदानों की पिच लगभग समान थीं और एक जैसे मैच होने से खेल का रोमांच कम हुआ। इस साल कोई सुपर ओवर भी नहीं हुआ। सुपर ओवर में मैच का रोमांच कई गुना बढ़ जाता है। इसकी कमी के चलते दर्शकों ने टीवी पर कम मैच देखे। 

9. खराब अंपायरिंग

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थर्ड अंपायर के फैसले का इंतजार करते रोहित और कोलकाता के खिलाड़ी - फोटो : IPL/BCCI
आईपीएल 2022 में अंपायरिंग का स्तर बेहद खराब रहा। रोहित शर्मा जैसे बल्लेबाज को गलत आउट दिए जाने पर दर्शक नाराज हो गए और आईपीएल के फिक्स होने की बात कही। दर्शकों की नाराजगी का असर टीवी रेटिंग पर भी दिखा और लोगों ने टीवी पर मैच देखना कम कर दिया। चेन्नई और मुंबई के मैच में शुरुआती 10 मिनट तक डीआरएस न होने से भी दर्शक काफी नाराज दिखे।
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10. कोरोना का असर कम हुआ, लोग काम पर लौटे

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दिल्ली के सदर बाजार में भीड़ - फोटो : अमर उजाला
आईपीएल 2020 और 2021 के दौरान कोरोना असर ज्यादा था। लोग अपने घरों में कैद थे और टीवी पर आईपीएल मैच देख रहे थे। दर्शकों को स्टेडियम में जाकर मैच देखने में परेशानी हो रही थी और सभी टीवी पर ही मैच देख रहे थे। इस बार दर्शकों ने स्टेडियम में जाकर मैच देखे। सभी लोग घर से बाहर निकले और पर्यटन स्थलों पर घूमने पहुंचे। कई लोग काम की वजह से आईपीएल नहीं देख पाए। इस वजह से भी दर्शकों की संख्या में कमी आई। 
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