बाएं से- केकेआर के कप्तान श्रेयस अय्यर, पंजाब के कप्तान मयंक अग्रवाल और हैदराबाद के कप्तान केन विलियम्सन
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बाकी बचे मैच: पंजाब बनाम हैदराबाद (वानखेड़े स्टेडियम, 22 मई)
बाकी बचे मैच: कोलकाता बनाम लखनऊ (डीवाई पाटिल स्टेडियम, 18 मई)
बाकी बचे मैच: हैदराबाद बनाम मुंबई (वानखेड़े स्टेडियम, 17 मई) और हैदराबाद बनाम पंजाब (वानखेड़े स्टेडियम, 22 मई)
कोलकाता और हैदराबाद की टीम अब ज्यादा से ज्यादा 14 अंक ही हासिल कर सकती है। ऐसे में टीम का भविष्य दूसरी टीमों पर निर्भर है। पंजाब की टीम के सोमवार से पहले मौका था कि दिल्ली को हराकर अपनी दावेदारी मजबूत कर ले, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और हार ने टीम के प्लेऑफ का रास्ता और मुश्किल कर दिया है।
बैंगलोर अगर गुजरात या दिल्ली अगर मुंबई को हराने में कामयाब रही, तो कोलकाता, पंजाब और हैदराबाद प्लेऑफ की रेस से अपने आप बाहर हो जाएंगे। इन टीमों के प्लेऑफ में पहुंचने की सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि दिल्ली और बैंगलोर की टीम अपने-अपने आखिरी मैच हार जाए और नेट रन रेट से चौथी टीम का फैसला हो। हैदराबाद को अपना आखिरी मुकाबला पंजाब के खिलाफ खेलना है। ऐसे में दोनों में से कोई एक टीम ही 14 अंक हासिल कर पाएगी।
पंजाब की टीम
ऐसा होने पर दिल्ली, बैंगलोर, कोलकाता, हैदराबाद और पंजाब में से बेहतर नेट रन रेट वाली टीम प्लेऑफ में जगह बनाने में कामयाब हो पाएगी। केकेआर, एसआरएच और पीबीकेएस में से सिर्फ केकेआर का ही नेट रन रेट प्लस में है। दिल्ली और कोलकाता के 14 अंक पर रहने की स्थिति में केकेआर को नेट रन रेट के मामले में डीसी को पीछे छोड़ना होगा।
यह तभी संभव है अगर दिल्ली अपना आखिरी मुकबाल 12 रन से हार जाए और कोलकाता अपना आखिरी मुकाबला लखनऊ के खिलाफ इतने ही अंतर से जीते। दिल्ली की टीम अपना आखिरी मुकाबला शनिवार को खेलेगी। वहीं, आरसीबी को गुरुवार और केकेआर को बुधवार को खेलना है। बुधवार और गुरुवार को ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी कि कौन सी टीम प्लेऑफ में जा रही है और कौन सी नहीं।
कोलकाता की टीम