भारत ने साल 1983 में पहली बार विश्व कप जीता था। इसके बाद से भारतीय क्रिकेट की तस्वीर बदल गई। वहीं धोनी ने सात साल के अंदर भारत को तीन आईसीसी ट्रॉफी जिताकर विश्व क्रिकेट में टीम इंडिया का दबदबा बनाया था।
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भारतीय क्रिकेट टीम की उपलब्धियां
- फोटो : सोशल मीडिया
भारत की आजादी को 75 साल पूरे हो चुके हैं। 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ था। इसके बाद से भारत ने अपनी नई पहचान बनाई है और हर क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। खेल जगत में भी भारत ने कई बार इतिहास रचा है। मौजूदा समय में क्रिकेट सबसे लोकप्रिय खेल है। इस खेल में भारत का दुनिया में सबसे ज्यादा है। हालांकि, 1947 में भारत की क्रिकेट टीम कमजोर टीमों में गिनी जाती थी, लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह से बदल चुकी है। यहां हम भारतीय क्रिकेट की उन उपलब्धियों के बारे में बता रहे हैं, जो पिछले 75 सालों में हासिल की गई हैं।
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1971 में इंग्लैंड को उसके घर में हराया
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इंग्लैंड में जीत के बाद भारतीय खिलाड़ी
- फोटो : सोशल मीडिया
भारत और इंग्लैंड के बीच पहला मैच साल 1932 में खेला गया था। हालांकि, लेकिन टीम इंडिया को लगातार हार का सामना करना पड़ा। पहली बार भारत ने इस खेल में अपना रुतबा साल 1971 में दिखाया था। भारत ने इंग्लैंड को उसकी धरती में चार विकेट से हराया था। द ओवल के मैदान में भारतीय टीम ने यह कमाल किया था। इस जीत के साथ ही भारत ने विश्व क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ी थी और यह साबित कर दिया था कि टीम इंडिया किसी मैदान में किसी भी विपक्षी को हराने का माद्दा रखती है।
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1983 विश्व कप जीता
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1983 विश्व कप जीतने वाली टीम इंडिया
- फोटो : सोशल मीडिया
साल 1983 में भारतीय टीम ने विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया था। कपिल देव की कप्तानी में टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज की मजबूत टीम को हराकर विश्व कप अपने नाम किया था। भारत दूसरी टीम थी, जिसे विश्व चैंपियन बनने का गौरव मिला था। इस जीत के बाद से भारत में क्रिकेट की स्थिति बदल गई और वैश्विक स्तर पर भारतीय टीम की छवि भी बदल गई।
2007 टी20 विश्व कप
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टी20 विश्व कप 2007
- फोटो : सोशल मीडिया
साल 2007 में पहली बार टी20 विश्व कप का आयोजन हुआ और महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई में भारत की युवा टीम ने खिताब जीता। दक्षिण अफ्रीका में हुए इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर यह खिताब अपने नाम किया। अब भारत की टीम दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में शुमार हो चुकी थी। क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट का चैंपियन बनने के साथ ही भारत ने अपनी अलग छवि बनाई थी।
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2011 वनडे विश्व कप जीता
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सचिन तेंदुलकर ( विश्व कप 2011)
- फोटो : सोशल मीडिया
2007 में टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारत ने 2011 में वनडे विश्व कप भी अपने नाम किया। 28 साल बाद टीम इंडिया दूसरी बार विश्व विजेता बनी थी। और चार साल के अंदर दूसरा विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया था। अब भारत को बड़े टूर्नामेंट की टीम माना जाने लगा था और ऑस्ट्रेलिया की लगातार जीत का सिलसिला खत्म हुआ था।
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2013 चैंपियंस ट्रॉफी जीती
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चैंपियंस ट्रॉफी के साथ जीत का जश्न मनाती टीम इंडिया
- फोटो : ट्विटर
साल 2013 में भारत ने इंग्लैंड को उसके घर में हराकर चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की। इस टूर्नामेंट में जीत के साथ ही धोनी को क्रिकेट जगत का सबसे बेहतरीन कप्तान माना जाने लगा। इंग्लैंड की धरती पर भारतीय टीम ने जिस स्तर का खेल दिखाया था और कई बार पिछड़ने के बाद जो वापसी की थी। वह शानदार थी। धोनी दुनिया के एकमात्र कप्तान थे, जिन्होंने तीन अलग-अलग आईसीसी टूर्नामेंट जीते थे।
इन कप्तानों ने किया कमाल
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कपिल देव
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1983 वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ कपिलदेव
- फोटो : social media
कपिल देव की अगुआई में भारत पहली बार विश्व चैंपियन बना था और इस जीत के बाद भारतीय क्रिकेट की सूरत बदल गई थी। जो भारतीय खिलाड़ी अभावों में रहकर देश के लिए खेलते थे, उन्हें पैसा मिलने लगा और देश में कई युवाओं के अंदर क्रिकेट में अपना करियर बनाने की ललक पैदा हुई। इसके बाद देश के कोने-कोने से कई बेहतरीन खिलाड़ी निकले।
सौरव गांगुली
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सौरव गांगुली
- फोटो : सोशल मीडिया
सौरव गांगुली की अगुवाई में भले ही भारत ने कोई आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीती हो, लेकिन उन्होंने भारतीय क्रिकेट में लड़ने का जज्बा भरा। उनकी अगुवाई में टीम इंडिया ने आंखों में आंखे डालकर जवाब देना सीखा और विदेशों में भी मैच जीतने का साहस हासिल किया। इसके बाद इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों के लिए भी भारत को अपने घर में हराना आसान नहीं था।
महेंद्र सिंह धोनी
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महेंद्र सिंह धोनी
- फोटो : सोशल मीडिया
धोनी ने भारत को सात साल के अंदर तीन आईसीसी ट्रॉफी जिताई और वो ऐसा करने वाले दुनिया के एकमात्र कप्तान हैं। धोनी की अगुवाई में भारत ने विश्व कप में कमाल का प्रदर्शन किया और दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक का दर्जा हासिल किया। यहीं से वो समय शुरू हुआ, जब सभी टीमें भारत से डरने लगीं और क्रिकेट जगत में टीम इंडिया की बादशाहत कायम हुई।
लॉर्ड्स टेस्ट जीतने के बाद कप्तान विराट कोहली
- फोटो : twitter@bcci
धोनी की अगुवाई में भारत ने सब कुछ हासिल किया था, लेकिन विदेशों में जाकर टेस्ट मैच में दबदबा बनाना अभी भी बाकी थी। विराट ने यही काम किया। उनकी कप्तानी में भारत ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीती। हालांकि, भारत ने जिस कंगारू टीम को हराया, उसमें स्मिथ और वॉर्नर जैसे दिग्गज नहीं थे। इसके बाद रहाणे की कप्तानी में भारत ने दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीती। इस बार ऑस्ट्रेलिया की टीम में सभी दिग्गज थे, जबकि पहले मैच में करारी हार के बाद विराट सहित कई बड़े खिलाड़ी टीम इंडिया में नहीं थे।
इस सीरीज जीत के बाद विदेशों में भी टीम इंडिया का रुतबा बना और हर टीम भारत से खौफ खाने लगी। विराट की कप्तानी में भारत ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल भी खेला, लेकिन खिताबी मुकाबले में न्यूजीलैंड से हार गई। अब रोहित की अगुआई में भारत का सपना दूसरी बार टी20 विश्व कप जीतने का है।