टीम इंडिया और श्रीलंका के बीच तीसरा और आखिरी मैच दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में खेला गया। मैच का आखिरी दिन बेहद ही रोमांचक स्थिति में जा पहुंचा था, लेकिन श्रीलंकाई बल्लेबाज अपनी शानदार बल्लेबाजी के कारण इस मैच को ड्रॉ कराने में कामयाब रहे।
टीम इंडिया ने श्रीलंका को 410 रन का लक्ष्य दिया था, जिसके जवाब में उसने 246/5 रन बनाए। टीम इंडिया को अंतिम दिन जीतने के लिए 7 विकेट की जरूरत थी, लेकिन वो पूरे दिन मात्र दो ही विकेट लेने में कामयाब रही। धनंजय डीसिल्वा ने टीम इंडिया के गेंदबाजों का डटकर सामना किया और अंत तक नाबाद रहे। आइए जानते हैं उन खिलाड़ियों के बारे में जो इस मैच के हीरो रहे...
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विराट कोहली
- फोटो : File
टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने पहली पारी में 287 गेंदों पर 25 चौकों की मदद से 243 रन की पारी खेली। कोहली के टेस्ट करियर का यह छठा दोहरा शतक था, इसके साथ ही उन्होंने सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के छह दोहरे शतकों की बराबरी की। इसके अलावा यह कोहली का बतौर कप्तान भी छठा दोहरा शतक था। इसकी साथ वो अब बतौर कप्तान सबसे ज्यादा दोहरे शतक लगाने वाले खिलाड़ी बन चुके हैं। कोहली पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा के नाम था। उन्होंने 5 बार यह कारनामा किया था।
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मुरली विजय
- फोटो : BCCI
टीम इंडिया में करीब एक साल बाद वापसी कर रहे ओपनर मुरली विजय शानदार फॉर्म में हैं। नागपुर टेस्ट के बाद उन्होंने सीरीज में लगातार दूसरा शतक लगाया। विजय ने नागपुर में 221 गेंदों पर 11 चौके और दो छक्कों की मदद से 128 रन और दूसरे टेस्ट में 267 गेंदों 13 चौकों की मदद से 155 रन बनाए। इसी के साथ विजय ने दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले टीम में अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है।
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dinesh chandimal
- फोटो : reuters
इस पूरी सीरीज में फ्लॉप रहे लंकाई बल्लेबाजों ने इस मैच में जोरदार वापसी की। कप्तान दिनेश चंडीमल ने 361 गेंदों पर 21 चौकों और एक छक्के की मदद से सबसे अधिक 164 रन की पारी खेलकर पहली पारी में श्रीलंका को मजबूत स्थिति में पहुंचा। चंडीमल के टेस्ट करियर का यह सर्वोत्तम स्कोर भी है।
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एंजेलो मैथ्यूज
- फोटो : BCCI
नागपुर टेस्ट के दूसरी पारी में ही एंजिलो मैथ्यूज ने शानदार 82 गेंदों पर 61 रन की पारी खेलकर अपने फॉर्म में लौटने के संकेत दे दिए थे। मैथ्यूज ने इस मैच में 268 गेंदों पर 14 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 111 महत्वपूर्ण रन बनाए। करीब दो साल बाद टेस्ट में शतक लगाने वाले मैथ्यूज के टेस्ट करियर का यह 8वां शतक था।
इसके मैच के आखिरी हीरो की बात करें तो वो हैं धनंजय डीसिल्वा। पहली इनिंग में 1 रन बनाकर इशांत शर्मा की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट होने वाले डीसिल्वा ने दूसरी पारी में 219 गेंदों पर 15 चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 119 रन की पारी खेली। हालांकि उन्हें चोट के कारण रिटायर हर्ट होकर पवेलिनय लौटना पड़ा। लेकिन तब तक वो अपना काम कर चुके थे, यह उनके करियर का तीसरा टेस्ट शतक था।