टीम इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का अंत बेहद रोमांचक अंदाज में हुआ। विराट कोहली के नेतृत्व वाली टीम इंडिया ने मंगलवार को तिरुवनंतपुरम में वर्षाबाधित तीसरे व अंतिम टी20 मैच में कीवी टीम को 6 रन से हराकर सीरीज 2-1 से अपने नाम की। मेजबान टीम ने दिल्ली में पहला मैच 53 रन से जीता जबकि केन विलियमसन के नेतृत्व वाली कीवी टीम ने दूसरा मैच 40 रन से जीतकर हिसाब बराबर किया था। बहरहाल, इस रोमांचक सीरीज में पांच खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने फैंस का दिल जीत लिया। चलिए गौर करते हैं कि वो कौनसे 5 खिलाड़ी है, जो अपने शानदार प्रदर्शन की वजह से फैंस के दिलों में बस गए:
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ट्रेंट बोल्ट
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ट्रेंट बोल्ट
न्यूजीलैंड के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने अपने दम पर दूसरे मैच में टीम को जीत दिलाई थी। तब बोल्ट ने 4 ओवर में 34 रन देकर 4 विकेट चटकाए थे। 26 वर्षीय बोल्ट ने तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज में कुल 6 विकेट चटकाए। वो इस सीरीज में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज भी रहे।
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युजवेंद्र चहल
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Yuzvendra Chahal
टीम इंडिया के लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल किसी भी परिस्थिति में विरोधी टीम के बल्लेबाज को परेशान करने में माहिर बन चुके हैं। चहल की गेंदों पर प्रहार करना बल्लेबाज के लिए आसान काम नहीं रहा है। 27 वर्षीय लेग स्पिनर ने इस सीरीज में कुल तीन विकेट लिए। उनकी खासियत ये रही कि उन्होंने अहम मौकों पर टीम इंडिया को विकेट निकालकर दिए और कसी हुई लाइन पर गेंदबाजी की। ये कहना गलत नहीं होगा कि चहल टीम इंडिया के स्टार लेग स्पिनर बनने की राह पर अग्रसर हैं।
कॉलिन मुनरो
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कॉलिन मुनरो
- फोटो : bcci
बाएं हाथ के बल्लेबाज ने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से क्रिकेट पंडितों को काफी प्रभावित किया। मुनरो ने दूसरे मैच में नाबाद शतक जड़ा और शानदार गेंदबाजी करते हुए एक विकेट भी लिया। 30 वर्षीय मुनरो ने फील्डिंग भी जानदार की। उन्हें दूसरे मुकाबले में मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया। इसके अलावा दो मैचों में उनका बल्ला नहीं चला, लेकिन जो शतक उन्होंने लगाया वो काबिल-ए-तारीफ था। मुनरो टी20 क्रिकेट इतिहास में एक साल में दो शतक लगाने वाले पहले कीवी बल्लेबाज बने। कीवी ओपनर ने सीरीज में कुल 123 रन बनाए और एक विकेट लिया।
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जसप्रीत बुमराह
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जसप्रीत बुमराह
- फोटो : ESPN
टीम इंडिया के युवा तेज गेंदबाज की जितनी भी तारीफ की जाए वो कम है। टीम इंडिया मुश्किल स्थिति में जब-जब फंसी, तब-तब जसप्रीत बुमराह संकटमोचक बने हैं। 24 वर्षीय तेज गेंदबाज ने सीरीज में तीन विकेट लिए, लेकिन निर्णायक मैच में उन्होंने केवल 9 रन देकर दो विकेट लिए। इस खास प्रदर्शन के लिए बुमराह को मैन ऑफ द मैच चुना गया। यही नहीं, तीनों मैचों में किफायती प्रदर्शन करने के लिए बुमराह को मैन ऑफ द सीरीज के खिताब से भी नवाजा गया।
कप्तान विराट कोहली ने सामने रहकर टीम इंडिया का नेतृत्व किया। उन्होंने बल्ले और अपने कप्तानी के फैसलों से टीम इंडिया को चैंपियन बनाया। कोहली ने दूसरे मैच में 65 रन की उम्दा पारी खेली। हालांकि, टीम इंडिया यह मैच जीतने में नाकाम रही। इससे पहले उन्होंने पहले मैच में 26* रन की तेजतर्रार पारी खेली थी। वहीं अंतिम मैच में उन्होंने जल्दी से 13 रन बनाए और टीम इंडिया की रनगति बढ़ाई। कोहली ने इस सीरीज में कुल 104 रन बनाए। उन्होंने समय-समय पर गेंदबाजी में शानदार परिवर्तन किए और टीम इंडिया को सीरीज जीत दिलाई।