केरल के बल्लेबाज ने अपने खराब दौर के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर से मिले महत्वपूर्ण समर्थन को स्वीकार किया। उन्होंने क्या कहा, आइए जानते हैं...
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टी20 में शतक लगाने वाले संजू सैमसन ने अपने संघर्षो को लेकर बातचीत की है। उन्होंने कहा कि शुरुआती दिनों में असफलताओं के कारण उन्हें अपनी क्षमता पर संदेह हुआ था, लेकिन आत्मविश्वास और कप्तान और कोच के समर्थन ने उन्हें मजबूत वापसी करने में मदद की। सैमसन ने शुक्रवार को डरबन में दक्षिण अफ्रीका पर भारत की 61 रन की आसान जीत में 50 गेंदों में 107 रन की शानदार पारी खेली। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में लगातार दो शतक लगाने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बन गए।
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संजू सैमसन
- फोटो : BCCI
'कई असफलताओं का सामना किया'
सैमसन ने मैच के बाद कहा, 'मैंने अपने करियर में कई असफलताओं का सामना किया है। मुझे लगता है कि जब आप उस असफलता से गुजरते हैं, तो आपके मन में बहुत सारे संदेह होते हैं। लोग निश्चित रूप से बहुत कुछ कहते हैं और सोशल मीडिया निश्चित रूप से एक बड़ी भूमिका निभाता है। आप भी अपने बारे में बहुत कुछ सोचते हैं। मैं सोच रहा था कि क्या मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए नहीं बना हूं? मुझे सोचता था कि मैं आईपीएल में अच्छा कर रहा हूं। मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन क्यों नहीं कर पा रहा हूं? मेरे मन में ऐसे बहुत सारे विचार आए, लेकिन इतने वर्षों के अनुभव के बाद अब मुझे पता है कि मेरी क्षमता क्या है।'
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संजू सैमसन
- फोटो : BCCI
'मेरे पास हर गेंद को खेलने की क्षमता'
सैमसन ने कहा, 'अगर मैं विकेट पर कुछ समय बिताता हूं, तो मेरे पास स्पिन और पेस बॉलिंग पर शॉट लगाने की क्षमता है और मुझे पता है कि मैं निश्चित रूप से टीम के लिए अच्छा योगदान दे सकता हूं। मैं मैच जिता सकता हूं। निश्चित रूप से मेरे करियर में बहुत सारे उतार-चढ़ाव रहे हैं, लेकिन इसका भी अपना फायदा है।' सैमसन सोमवार को 30 वर्ष के हो गए। वह श्रीलंका में लगातार शून्य पर आउट हुए थे, लेकिन इसके बाद बांग्लादेश के खिलाफ तीसरे टी20 में उन्होंने 111 रनों की पारी खेली और अब एक और शतक जड़ा।
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संजू सैमसन
- फोटो : BCCI
सैमसन ने अपने बुरे दौर के बारे में बताया
केरल के बल्लेबाज ने अपने खराब दौर के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर से मिले महत्वपूर्ण समर्थन को स्वीकार किया। उन्होंने कहा, 'जब आपके पास सूर्यकुमार यादव और गौतम भाई और वीवीएस लक्ष्मण सर जैसे मदद करने वाले होते हैं, तो ये सभी विफलताओं के दौरान आपका समर्थन करते हैं। जिस तरह से वे आपकी विफलताओं के दौरान आपसे बात करते हैं, वह बहुत महत्वपूर्ण है। हर कोई जानता है कि अगर हम नकारात्मक दौर से गुजर रहे हैं। तो खिलाड़ी वहां खो सकता है।'
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संजू सैमसन
- फोटो : BCCI
'मेरे बुरे समय में गंभीर और SKY ने मदद की'
सैमसन ने कहा, 'तो मेरे बुरे समय में मुझे गौतम भाई और सूर्यकुमार के बहुत सारे फोन आए। उन्होंने मुझे बताया कि किस चीज पर काम करना है। उन्होंने कहा कि आप स्पिन पर और मेहनत कर सकते हो। आप केरल के सभी स्पिनरों को इकट्ठा करो और वहां के उबड़-खाबड़ विकेटों पर अभ्यास करो। उन्होंने और भी चीजें करने को कहा। तो अगर आपका कप्तान आपको कुछ बता रहा है कि शून्य के बाद अभ्यास कैसे करना है, तो आपको विश्वास है कि कप्तान आप पर भरोसा कर रहा है। वह चाहता है कि आप अच्छा प्रदर्शन करें। इसलिए मुझे लगता है कि ये सभी छोटी-छोटी चीजें बहुत बड़ी भूमिका निभाती हैं। मेरी वापसी में इसने अहम भूमिका निभाई।
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सैमसन और सूर्यकुमार
- फोटो : BCCI
'दिखाए गए भरोसे के लिए आभारी हूं'
सैमसन ने कहा, 'मुझ पर दिखाए गए भरोसे के लिए मैं बहुत आभारी हूं। मुझे लगता है कि मैं इसे अपनी टीम प्रबंधन को वापस देने में सक्षम हूं। मुझे लगता है कि यह सिर्फ एक शुरुआत है। मैं सिर्फ कड़ी प्रैक्टिस करना चाहता हूं, कड़ी ट्रेनिंग करना चाहता हूं। अपने देश के लिए खेलने के लिए बहुत आभारी हूं और जब भी मैं मैदान पर जाता हूं तो अपने देश के लिए योगदान देने और गेम जीतने का प्रयास करता हूं।' सैमसन की पारी में 10 शानदार छक्के शामिल थे, जिसने भारत को 20 ओवर में आठ विकेट पर 202 रन तक पहुंचाया।
'हमने यहां खूब अभ्यास किया'
सैमसन ने कहा, 'जब आप अपने देश के लिए 100 रन बनाते हैं, तो यह निश्चित रूप से एक बहुत ही खास एहसास होता है। विकेट थोड़ा अधिक उछाल वाला था। यहां तीन-चार दिनों से बारिश हो रही है, इसलिए मुझे लगता है कि हालात यहां थोड़ा ज्यादा चुनौतीपूर्ण था। हम उसी के अनुसार तैयारी कर रहे हैं। जब तीन-चार दिनों तक बारिश हुई, तब भी हमारी टीम यहां आई और अभ्यास किया। हमने दो-तीन घंटे बल्लेबाजी की, इसलिए यह थोड़ा फायदेमंद था।'