ऑस्ट्रेलिया ने एडिलेड में खेले गए डे नाइट टेस्ट में भारत को 10 विकेट से हरा दिया। एडिलेड टेस्ट महज तीन दिन में समाप्त हो गया और 2020 की तरह इस बार भी टीम इंडिया कुछ खास नहीं कर सकी। यह डे नाइट टेस्ट में टीम इंडिया को मिली दूसरी हार रही। भारत ने अब तक पांच पिंक बॉल टेस्ट खेले हैं और तीन में उसे जीत मिली है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया ने 12 डे नाइट टेस्ट खेले हैं और सिर्फ एक मैच गंवाया है। इस हार से भारतीय टीम पर एकबार फिर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। जसप्रीत बुमराह की अगुआई में भारतीय टीम ने पर्थ में जो ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी, वह रोहित के वापस आते ही फुस्स हो गई। रोहित की कप्तानी में टीम इंडिया को लगातार चौथे टेस्ट में हार मिली। आइए जानते हैं कि ऐसी क्या वजह रही, जिसने एडिलेड में भारतीय टीम की लुटिया डुबो दी...
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राहुल और शुभमन गिल
- फोटो : BCCI
अंडर लाइट्स बैटिंग बॉलिंग में पिछड़े भारतीय खिलाड़ी
भारतीय टीम ने दिन के वक्त तो अच्छा खेल दिखाया, लेकिन अंडर लाइट्स जब गेंद लहराती है तो भारतीय गेंदबाज कुछ खास नहीं कर सके। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में अंडर लाइट्स ज्यादा समय गुजारा, लेकिन टीम इंडिया सिर्फ एक ही विकेट ले सकी। नतीजा अगले दिन ट्रेविस हेड ने धूप में सूख चुकी पिच पर खूब रन बटोरे। वहीं, जब बात भारतीय बल्लेबाजी की हुई तो दूसरे दिन रात में भारत ने दूधिया रोशनी में अपनी दूसरी पारी में पांच विकेट गंवा दिए। यही जीत हार का मुख्य कारण बना।
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ट्रेविस हेड
- फोटो : Twitter
हेड को शॉर्ट बॉल से अटैक नहीं किया
पिछले साल वनडे विश्व कप से ही यह बात चली आ रही है कि हेड को शॉर्ट बॉल खेलने में परेशानी होती है। इसके बावजूद भारतीय गेंदबाज उन्हें लगातार गुड लेंथ पर बॉल करते रहे। ऑस्ट्रेलिया की पिच पर भारतीय गेंदबाज शॉर्ट बॉल का इस्तेमाल कर हेड पर दबाव बनाने में नाकाम रहे और हेड ने शानदार शतक जड़ दिया। हेड की पारी मैच का मुख्य टर्निंग पॉइंट रही। उनके 140 रन ने जीत हार का अंतर पैदा कर दिया।
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सिराज और बुमराह
- फोटो : BCCI
पहले दिन भारत ने स्टंप पर सिर्फ 6 प्रतिशत बॉलिंग की
भारतीय टीम पहले दिन 180 रन पर सिमट गई थी। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने करीब 33 ओवर बल्लेबाजी की और सिर्फ एक विकेट गंवाया। भारतीय टीम लहराती गेंद को संभालने में नाकाम रहे। वह चौथे और छठे स्टंप पर लगातार गेंदबाजी करते रहे। भारतीय गेंदबाजों ने पहले दिन स्टंप टू स्टंप पर सिर्फ छह प्रतीशत गेंदबाजी की। इसका नुकसान यह हुआ कि एक्सट्राज में ऑस्ट्रेलिया को रन मिलते रहे और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने इसका फायदा उठाया।
दूसरे दिन हर्षित-सिराज की बॉलिंग अच्छी नहीं रही
ऑस्ट्रेलिया ने भारत के 180 रन के जवाब में अपनी पहली पारी में 337 रन बनाए। उन्हें 157 रन की बढ़त मिली। दूसरे दिन जब भारतीय टीम गेंदबाजी के लिए आई तो बुमराह ने ही ब्रेक थ्रू दिलवाया। उन्हें दूसरे छोर से कोई मदद नहीं मिली। सिराज ने चार विकेट जरूर लिए, लेकिन वह काफी महंगे भी रहे। उन्होंने चार की इकोनॉमी से रन खर्च किए। वहीं, हर्षित राणा तो बिल्कुल ही बेरंग दिखे। हर्षित ने 16 ओवर में 86 रन खर्च किए। उनका इकोनॉमी 5.40 का रहा। भारत का प्रसिद्ध कृष्णा या आकाश दीप को नहीं खिलाकर हर्षित को खिलाने का फैसला गलत साबित हुआ।