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जिस पिच को अंग्रेज बता रहे थे 'बीच', उसी पर अश्विन ने शतक जड़कर दिया मुंहतोड़ जवाब

Mon, 15 Feb 2021 04:21 PM IST
मुकेश कुमार झा स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
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रविचंद्रन अश्विन - फोटो : social media
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चेन्नई की जिस पिच को दुनियाभर के एक्सपर्ट और पूर्व क्रिकेटर खराब और घटिया बता रहे थे, उसी पिच पर आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए अश्विन ने शतक जड़ दिया। जी हां, भारत और इंग्लैंड के बीच चेन्नई में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन अश्विन ने दूसरी पारी में 148 गेंदों में 14 चौके और एक छक्के की मदद से 106 रन की शतकीय पारी खेली। 

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चेपॉक की जिस पिच को अंग्रेज कोस रहे थे, उसी पिच पर अश्विन ने गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में कमाल का प्रदर्शन किया। जिस पिच पर इंग्लैंड की पूरी टीम पहली पारी में सिर्फ 134 रन पर ऑलआउट हो गई, उसी पिच पर भारत के बल्लेबाजों ने 600 से अधिक रन बना दिए हैं।
 
दरअसल, चेपॉक की जिस पिच पर दोनों टीमों के बीच यह मैच खेला जा रहा है वह पहले ही दिन से टूटने लगी थी। इसके बाद से इस पिच की जमकर आलोचना होने लगी थी। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन और इयान बेल ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। वॉन इस पिच को 'बीच' बताया था तो वहीं बेल ने कहा था कि अभी पिच जैसी दिख रही है, उस पर लगता नहीं कि खेल पांचवें दिन तक जाएगा।

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उधर, टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने चेपॉक की पिच को बेहद खराब घटिया बताया था। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि यह पिच टेस्ट क्रिकेट के लायक नहीं है। मांजरेकर का कहना था कि पहले दिन के 25-30 मिनट के खेल में ही पिच टूटनी नहीं चाहिए।

वहीं, अश्विन ने कहा था कि उन्हें इस पिच को लेकर कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने पूर्व क्रिकेटरों को जवाब देते हुए कहा था कि, अगर इस पिच को लेकर उनके पास कोई शिकायत है तो मुझे इसकी जानकारी नहीं है। खिलाड़ी जब इस तरह की परिस्थितियों का सामना करते हैं तो ऐसी चीजें स्वभाविक होती है। ईमानदारी से कहूं तो इस पिच पर सात दिन खेले हैं और इंग्लैंड ने हमें कड़ी टक्कर दी है।

अश्विन यहीं नहीं रुके,उन्होंने आगे कहा, 'तेज गेंदबाजों को मदद मिलने वाली पिचों पर खेलना ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। चाहे आप स्पिन अनुकूल या फिर तेज गेंदबाजों के अनुकूल पिचों पर खेलें, समय दर समय ये अधिक चुनौतीपूर्ण होगी। अगर गेंद 140-50 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से आती है तो इसे खेलना अधिक चुनौतीपूर्ण होता है। आप अपना समय लीजिए और इसका सामना कीजिए।'


 
 
 
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