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ICC Rules: क्रिकेट के नौ नियम बदले, जानें क्या थे पुराने नियम, क्या बदलाव हुआ और इसका खेल पर क्या असर होगा?

Tue, 20 Sep 2022 06:39 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आईसीसी के नियम बदलने के बाद खिलाड़ी गेंद चमकाने के लिए लार का उपयोग नहीं करेंगे। यह अब बॉल टेंपरिंग की श्रेणी में आएगा। इससे तेज गेंदबाजों को गेंद स्विंग के लिए अनुकूल बनाने में परेशानी आएगी।
 
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आईसीसी ने नौ बड़े नियमों में बदलाव किया है - फोटो : अमर उजाला
आईसीसी ने मुख्य कार्यकारी समिति की बैठक के बाद क्रिकेट के कई नियमों में बदलाव किया है। इनमें से नौ बदलाव अहम हैं, जिनसे खेल पर काफी असर पडे़गा। ये बदलाव एक अक्तूबर से लागू होंगे। इसका मतलब है कि ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप में भी इन नियमों का पालन किया जाएगा। यहां हम बता रहे हैं कि जिन नौ जरूरी नियमों में बदलाव हुआ है, उनसे खेल पर क्या असर होगा और पुराने नियम क्या थे?
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आईसीसी ने कैच आउट का नियम बदला है - फोटो : अमर उजाला
अब किसी बल्लेबाज के कैच आउट होने पर नए बल्लेबाज को ही अगली गेंद खेलनी होगा। पहले नियम था कि किसी बल्लेबाज के कैच आउट होने पर अगर बल्लेबाज अपने छोर बदल लेते थे तो नया बल्लेबाज नॉन स्ट्राइक पर रहता था और दूसरे छोर पर रहने वाला बल्लेबाज अगली गेंद खेलता था। अब ऐसा नहीं होगा। हर स्थिति में नया बल्लेबाज ही अगली गेंद खेलेगा। अगर ओवर की आखिरी गेंद पर विकेट गिरता है तो दूसरे छोर पर रहने वाला बल्लेबाज अगली गेंद खेलेगा और नया बल्लेबाज नॉन स्ट्राइक पर रहेगा। 

इस नियम का असर अंतिम ओवरों में ज्यादा दिखेगा। क्योंकि, जब दो सेट बल्लेबाज क्रीज पर होते थे, तब एक के कैच आउट होने पर दोनों छोर बदल लेते थे और बाकी गेंदे दूसरा सेट बल्लेबाज खेलता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा और नया बल्लेबाज ही अगली गेंद खेलेगा। ऐसे में गेंदबाजी करने वाली टीम के पास वापसी करने का बेहतर मौका रहेगा। 
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अब फील्डिंग में अनुचित व्यवहार करने पर अंपायर जुर्माना लगा सकेंगे - फोटो : अमर उजाला
जब कोई गेंदबाज गेंद करने के लिए तैयार होता है और अपने रन अप में दौड़ता है तो फील्डरों को कोई अनुचित व्यवहार नहीं करना चाहिए। अगर कोई फील्डर जानबूझकर कुछ ऐसा करता है, जिससे बल्लेबाज का ध्यान भटके तो अंपायर उस गेंद को डेड बॉल करार दे सकता है। अब इस नियम को और सख्त किया गया है। अब ऐसा करने पर अंपायर बल्लेबाजी टीम को पांच रन दे सकता है। इस नियम के आने से अनुचित छींटाकशी पर रोक लगेगी।

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अब पिच से बाहर नहीं जाकर शॉट नहीं खेल पाएंगे बल्लेबाज - फोटो : अमर उजाला
आईसीसी के पुराने नियम के अनुसार बल्लेबाज को पूरी छूट होती थी कि वह गेंदबाज के हाथ से गेंद छूटने के बाद कहीं भी जाकर इसे खेल सकता है। कई बार गेंद गेंदबाज के हाथ से फिलसकर पिच से बाहर चली जाती थी और इस स्थिति में बल्लेबाज उसका पूरा फायदा उठाकर रन बटोर लेते थे। नए नियम के अनुसार बल्लेबाज को हर स्थिति में पिच के अंदर रहकर ही शॉट खेलना होगा। इससे बल्लेबाज अनुचित शॉट नहीं खेल पाएंगे। साथ ही जब भी गेंद गेंदबाज के हाथ से छूटकर पिच से बाहर जाएगी तो अंपायर उसे नो गेंद करार देंगे। 
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टाइम आउट का नियम भी बदला - फोटो : अमर उजाला
आईसीसी ने टाइम आउट के नियम में भी बदलाव किया है। अब हर नए बल्लेबाज को टेस्ट और वनडे मैचों में दो मिनट के भीतर स्ट्राइक लेनी होगी। पहले इसके लिए बल्लेबाजों को तीन मिनट का समय मिलता था। वहीं टी20 में यह समय पहले की तरह 90 सेकंड ही रखा गया है। वनडे और टेस्ट के नियम में बदलाव होने से खेल में तेजी आएगी। बल्लेबाज जल्दी क्रीज पर आएंगे और खेल तेज होगा।
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अब लार का उपयोग बॉल टेंपरिंग की श्रेणी में आएगा - फोटो : अमर उजाला
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंद चमकाने के लिए लार का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। पहले गेंदबाज लार का उपयोग गेंद को चमकाने के लिए करते थे। इससे गेंद को स्विंग कराने में तेज गेंदबाजों को मदद मिलती थी। दो साल पहले कोरोना महामारी आने के बाद लार के उपयोग पर प्रतिबंध लगा। इसके बाद पसीने की ममद से गेंद चमकाई गई और यह तरीका भी उतना ही कारगर निकला। इसके बाद लार के उपयोग पर स्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया। गेंद चमकाने के लिए लार का उपयोग करना बॉल टेंपरिंग की सूची में आएगा।
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वनडे में भी धीमी ओवर गति पर फील्डिंग बदली जाएगी - फोटो : अमर उजाला
पहले धीमी गति से ओवर करने पर टीम के कप्तान पर जुर्माना लगता था। लगातार दो मैचों में ऐसा होने पर टीम के सभी खिलाड़ियों पर जुर्माना लगता था और तीसरी बार ऐसा होने पर कप्तान पर एक मैच का प्रतिबंध लग जाता था, लेकिन मैच के दौरान कोई कार्रवाई नहीं होती थी। अब टी20 क्रिकेट में 20वां ओवर तय समयसीमा के अंदर शुरू करना होता है। ऐसा नहीं होने पर समयसीमा के बाद होने वाले सभी ओवर में एक अतिरिक्त फील्डर तीस गज के दायरे के अंदर रहता है। अगले साल वनडे विश्व कप के बाद यह नियम वनडे में भी लागू होगा। इससे अंत के ओवरों में बल्लेबाजों को रन बनाने में आसानी होगी और मैच का रोमांच बढ़ेगा। 

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अब स्ट्राइक ले रहा बल्लेबाज गेंद खेलने से पहले रन आउट नहीं होगा - फोटो : अमर उजाला
पहले नियम था कि अगर कोई बल्लेबाज गेंद खेलने से पहले ही क्रीज से बाहर आ जाता है तो गेंदबाज थ्रो करके उसे रन आउट कर सकता था, लेकिन अब यह नियम हटा दिया गया है। अगर कोई गेंदबाज ऐसा करने की कोशिश करता है तो वह गेंद डेड बॉल करार दी जाएगी। इससे बल्लेबाजों के पास खुलकर अपनी क्रीज का इस्तेमाल करने की आजादी होगी।

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मांकडिंग का नियम अब रन आउट का एक हिस्सा होगा - फोटो : अमर उजाला
मांकडिंग का नियम क्रिकेट के सबसे विवादित नियमों में से एक हैं। इसके अनुसार अगर नॉन स्ट्राइक पर खड़ा बल्लेबाज गेंदबाज के हाथ से गेंद निकलने से पहले ही क्रीज से बाहर निकल जाता है तो गेंदबाज गिल्लियां बिखेरकर उसे रन आउट कर सकता है। यह नियम लंबे समय से है, लेकिन अब तक इसे खेल भावना के विपरीत माना जाता था और इस पर जमकर विवाद होता था। ऐसा करने वाले गेंदबाजों की काफी आलोचना की जाती थी। अब यह नियम रन आउट का हिस्सा माना जाएगा और गेंदबाज खुलकर इसके जरिए बल्लेबाजों को आउट कर सकेंगे।
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अब सभी वनडे और टी20 मैचों में हाइब्रिड पिच का इस्तेमाल हो सकेगा - फोटो : अमर उजाला
अब सभी पुरुषों और महिलाओं के वनडे और टी20 मैचों में दोनों टीमों की सहमति होने पर हाइब्रिड पिचों का उपयोग किया जा सकेगा। वर्तमान में, हाइब्रिड पिचों का उपयोग केवल महिला टी20 मैचों में ही किया जा सकता है। एक अक्तूबर के बाद सभी मैचों में हाइब्रिड पिच इस्तेमाल की जा सकेगी। हाइब्रीड पिच में प्राकृतिक घास की जगह कृत्रिम घास का उपयोग किया जाता है।
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