मोहम्मद शमी
हसीन ने फोटो पोस्ट करते हुए लिखा, 'देखो दोस्तों, शमी अहमद की कब की पैदाइश है और मीडिया में बैठकर दुनिया के सामने खुद को 1990 का बताता है। जाली प्रमाणपत्र बनाकर बीसीसीआई और कैब को उल्लू बनाया और पब्लिक को भी। अंडर-22 में खेलने के लिए 1990 का झूठा सर्टिफिकेट बनाया। आप बताओ कि उस लड़के का क्या दोष था जो सच में 22 साल का था। शमी अहमद की वजह से नहीं खेल पाया। शमी ने दुनिया को बताया कि उम्र में मैं बड़ी हूं, लेकिन कौन बड़ा है उम्र में देखो। सिर्फ यही नहीं, कई सारे गलत डाक्यूमेंट्स बनाए इसने। आप सब देखना बीसीसीआई और कैब अब भी शमी अहमद की गलती को ढकेगी, क्यों ढकेगी आप सबको पता है। अब भी अगर बीसीसीआई, कैब या उत्तर प्रदेश की सरकार इस बात को ढकती है तो दोस्तों आप सब भी आगे आगे कम का झूठा सर्टिफिकेट बनाकर काम में लगा सकते हैं। क्योंकि हमारे वेस्ट बंगाल में ऐसा करना संभव नहीं।'