टीम इंडिया के स्टार आलराउंडर हार्दिक पांड्या किसी ना किसी कारणों से हमेशा सुर्खियों में बने रहते हैं। पांड्या इस समय टीम इंडिया के एक बेहतरीन आलराउंडर हैं। उनकी तुलना टीम इंडिया के पूर्व आलराउंडर कपिल देव से की जाती है। साथ ही उनकी तारीफ अन्य देशों के खिलाड़ी भी कर चुके हैं। वह अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के कारण सबके दिलों पर राज करते हैं।
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हार्दिक पांड्या
इसी बीच पांड्या ने एक खुलासा किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि वो केवल 9वीं क्लास तक ही पढ़े हैं। स्पोर्टस्टार लाइव से बातचीत में पांड्या ने बताया, 'वह एक बड़े स्कूल में पढ़ते थे, जिसकी फीस वह नहीं दे सकते थे। स्कूल वालों ने मुझसे कहा था कि वह अगर स्कूल की अंडर-16 टीम में अच्छा प्रर्दशन करेंगे तो उनकी स्कूल की फीस माफ कर दी जाएगी।'
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हार्दिक पांड्या
- फोटो : REUTERS
उन्होंने कहा कि स्कूल की तरफ से मुझे यह भी कहा गया कि वह केवल अपने खेल पर ध्यान दे और अगर वो अच्छा खेलेगा तो उसे परीक्षा से भी पास कर दिया जाएगा और उनकी पढ़ाई फ्री कर दी जाएगी। मगर उन्होंने बताया कि वो स्कूल टूर्नामेंट के पहले राउंड में ही बाहर हो गए थे। उन्होंने कहा तब अचानक स्कूल वालों ने अपना रूख बदल लिया और मुझसे स्कूल की फीस मांगने लगे।
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हार्दिक
- फोटो : SELF
24 साल के पांड्या ने बताया कि मैं जिस स्कूल में पढ़ता था वो एक प्रीमियम स्कूल था। हम उस स्कूल के फीस का खर्च नहीं उठा पा रहे थे। पांड्या ने कहा कि उनकी घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। उन्होंने बताया कि स्कूल वालों ने कहा यदि वो स्कूल की फीस नहीं भरेगा तो उसे अगली क्लास में नहीं भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि हमने एक साल तक इंतजार किया पर उन्होंने मुझे अगली क्लास में भेजने से इनकार कर दिया। इसलिए मैने स्कूल छोडना बेहतर समझा। उन्होंने कहा कि उन्हें स्कूल का नाम लेना अच्छा नहीं लगेगा। मगर उन्होंने कहा कि एक क्रिकेटर होने के नाते वह किसी का भी मुफ्त में प्रचार नहीं कर सकते।