हार्दिक पांड्या के पिता
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वैसे, हार्दिक के मौजूदा सोशल मीडिया पोस्ट देखकर कोई भी यही आकलन करेगा कि वह बेहद आकर्षक जिंदगी जी रहे हैं। हालांकि, पांड्या परिवार का समय हमेशा से ऐसा नहीं रहा। हार्दिक के पिता हिमांशु पांड्या गुजरात के सूरत में फाइनेंस का व्यापार करते थे। उन्हें 1998 में इसे बंद करना पड़ा और पूरा परिवार फिर वडोदरा चला गया।
हार्दिक के पिता हिमांशु पांड्या क्रिकेट के बहुत बड़े दीवाने थे और वह अपने दोनों बेटों (हार्दिक व क्रुणाल) को मैच दिखाने के लिए ले जाते थे। यहीं से हार्दिक और क्रुणाल को क्रिकेटर बनने की प्रेरणा मिली। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के बावजूद भी हिमांशु ने अपने बेटों को वडोदरा में किरण मोरे क्रिकेट अकादमी में भेजा, जहां से हार्दिक के क्रिकेटर बनने की यात्रा शुरू हुई।