टीम इंडिया ने दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया है। भज्जी अपनी स्पिन गेंदबाजी के लिए जाने जाते थे, लेकिन उन्होंने कई बार बल्ले से भी कमाल किया है। यहां हम उनकी पांच बेहतरीन पारियों के बारे में बता रहे हैं।
भारत के टर्बिनेटर हरभजन सिंह ने 41 साल की उम्र में क्रिकेट के सभी प्रारूंपो को अलविदा कह दिया है। भज्जी भारत के सबसे सफल गेंदबाजों में से एक हैं। उन्होंने टेस्ट में 400 से ज्यादा विकेट लिए हैं। अब तक भारत के सिर्फ तीन स्पिनर ही ऐसा कर पाए हैं। इसके अलावा हरभजन भारत के पहले स्पिन गेंदबाज हैं, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में हैट्रिक ली है। उनके बाद कुलदीप यादव ने भी यह कारनामा किया था। इसके अलावा भज्जी ने बल्ले के साथ भी कई बार कमाल किया है। यहां हम उनकी पांच सबसे बेहतरीन पारियों के बारे में बता रहे हैं।
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टेस्ट में शतक लगा बचाया मैच
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हरभजन सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
साल 2012 में न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में भारत के ऊपर हार का खतरा मंडरा रहा था। ऐसे में भज्जी ने वीवीएस लक्ष्मण के साथ 163 रनों की साझेदारी कर मैच बचाया था। इस मैच में उन्होंने अपने करियर का पहला शतक लगाया था और भारत को हारने से बचाया था। उन्होंने 193 गेंद में 11 चौके और तीन छक्कों की मदद से 115 रन बनाए थे। इस मैच की दूसरी पारी में भारत के छह विकेट सिर्फ 82 रन पर गिर गए थे, लेकिन भज्जी और लक्ष्मण ने टीम इंडिया का स्कोर 266 तक पहुंचाया। इसके बाद उन्होंने टेस्ट में दूसरा शतक भी बनाया।
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आईपीएल में 64 रनों की बेहतरीन पारी खेली
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हरभजन सिंह
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2015 आईपीएल में हरभजन ने बल्ले के साथ कमाल किया था। इसी सीजन में उन्होंने पंजाब के खिलाफ 24 गेंदों में 64 रनों की नाबाद पारी खेली थी। इस मैच में पंजाब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 177 रन बनाए थे। इसके जवाब में मुंबई 60 रन बनाने से पहले ही अपने छह विकेट खो चुकी थी। मैच में मुंबई की हार तय लग रही थी। ऐसे समय पर हरभजन आठवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे। दूसरे छोर पर अनुभवहीन जगदीशन बल्लेबाजी कर रहे थे। भज्जी ने ताबड़तोड़ पारी खेलकर मुंबई को लगभग यह मैच जिता दिया था, लेकिन दूसरे छोर में कोई बल्लेबाज न होने से मुंबई यह मैच 18 रन से हार गई।
वनडे में अर्धशतक से चूके
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2009 में हरभजन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 49 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी, लेकिन अपनी टीम को जीत नहीं दिला पाए थे। इस मैच में वो अपने वनडे करियर के पहले अर्धशतक से भी चूक गए थे। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 292 रन बनाए थे। इसके जवाब में भारत 39.5 ओवर में 201 रन बनाकर सात विकेट गंवा चुका था। इसके बाद हरभजन ने प्रवीण कुमार के साथ 84 रनों की साझेदारी कर टीम इंडिया को लगभग मैच जिता दिया था, लेकिन आखिरी ओवर में वो आउट हो गए और भारत यह मैच चार रनों से हार गया।
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18 गेंद में 49 रन बनाए
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हरभजन ने 2010 के आईपीएल में हैदराबाद के खिलाफ 49 रनों की तूफानी पारी खेली थी। उन्होंने 18 गेंदों में 49 नाबाद 49 रन बनाए थे। इस पारी में उनके बल्ले से आठ चौके और दो छक्के निकले थे। उनकी इस बेहतरीन पारी की बदौलत मुंबई की टीम 150 की बजाय 172 के स्कोर तक पहुंच पाई थी।
भज्जी ने 2016 आईपीएल में भी बल्ले से कमाल किया था। इस मैच में मुंबई की टीम 40 रन बनाकर अपने पांच विकेट गंवा चुकी थी और बहुत ही छोटे स्कोर की तरफ बढ़ रही थी। ऐसे में हरभजन ने जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए 30 गेंद में 45 रन बनाए। अंबाती रायडू ने उनका साथ दिया और इन दोनों ने मिलकर मुंबई का स्कोर 121 तक पहुंचाया। हालांकि मुंबई इस लक्ष्य का बचाव नहीं कर पाई थी, लेकिन भज्जी ने अपनी टीम को ऑल आउट होने से बचा लिया था।