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Teachers Day 2022: गुरु गैरी से लेकर शास्त्री और द्रविड़ तक, जानिए भारत के पांच सबसे सफल कोच के बारे में

Mon, 05 Sep 2022 09:47 AM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गैरी कर्स्टन को भारत का सबसे सफल कोच माना जाता है। उनके कोच रहते भारतीय टीम ने 2011 विश्व कप अपने नाम किया था। उनके बाद रवि शास्त्री ने भारत को ऑस्ट्रेलिया में दो बार टेस्ट सीरीज जिताई। 
 
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गैरी कर्स्टन और रवि शास्त्री - फोटो : सोशल मीडिया
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भारतीय क्रिकेट टीम अब तक दो बार विश्व कप जीत चुकी है और 2007 में टी20 विश्व कप भी अपने नाम किया था। भारत के लिए 2007 से 2013 का समय सबसे बेहतरीन माना जाता है। इस दौरान भारत ने सात साल के अंदर आईसीसी की तीन बड़ी ट्रॉफी अपने नाम की थी। पहले 2007 में टी20 विश्व जीता फिर 2011 में वनडे विश्व कप और 2013 में आईसीसी चैंपियंस ट्राफी अपने नाम की थी। भारत के इस प्रदर्शन में कोच गैरी कर्स्टन का भी अहम योगदान था। इसके बाद रवि शास्त्री ने भी भारत को ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जिताई। यहां हम शिक्षक दिवस के मौके पर देश के सबसे अहम कोचों के बारे में बता रहे हैं। 
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1. गैरी कर्स्टन

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गैरी कर्स्टन - फोटो : getty
दक्षिण अफ्रीका के बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज कर्स्टन भारत के सबसे सफल कोच थे। टीम इंडिया को 2007 विश्व कप में अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा था। कर्स्टन के पदभार संभालने से पहले ग्रेग चैपल को कोच के रूप में काफी मुश्किल हुई थी। हालांकि, जब कर्स्टन भारत के कोच बने तो टीम इंडिया की किस्मत बदल गई। उन्होंने धोनी के साथ मिलकर शानदार प्रदर्शन किया। सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण की मदद से धोनी ने सितंबर 2009 में भारत को टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचा दिया। 2011 में टीम आईसीसी एकदिवसीय विश्व कप जीतने में कामयाब रही।
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2. रवि शास्त्री

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रवि शास्त्री और विराट कोहली - फोटो : सोशल मीडिया
रवि शास्त्री ने बतौर ऑलराउंडर भारत के लिए कमाल करने के बाद कमेंट्री में अपना जलवा दिखाया। इसके बाद वो भारतीय टीम के डायरेक्टर बने और बाद में मुख्य कोच भी बने। उन्होंने विराट कोहली के साथ शानदार जोड़ी बनाई और भारत की तेज गेंदबाजी में काम किया। इसी वजह से टीम इंडिया शास्त्री के कार्यकाल में ऑस्ट्रेलिया को दो बार उसके घर में हराने में कामयाब रही। इस दौरान भारत ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज अपने नाम की और लंबे समय तक टेस्ट रैंकिंग में पहले पायदान पर रही।

3. जॉन राइट

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वीरेंद्र सहवाग और कोच जॉन राइट - फोटो : सोशल मीडिया
भारत के पहले विदेशी कोच न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान जॉन राइट थे। जब भारतीय टीम मुश्किल दौर से गुजर रही थी, तब उन्होंने बागडोर संभाली। मोहम्मद अजहरुद्दीन, मनोज प्रभाकर और अजय जडेजा पर मैच फिक्सिंग के आरोप लगे थे। राइट 2000 से 2005 तक भारत के कोच रहे। इस दौरान भारतीय टीम के खेल का स्तर बहुत बेहतर हुआ। भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज 2-1 से जीती, 2003-04 में चार मैचों की श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज 1-1 से ड्रॉ कराई। कट्टर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के हराया और दक्षिण अफ्रीका में 2003 में वनडे विश्व कप के फाइनल में पहुंचे।
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4. डंकन फ्लेचर

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डंकन फ्लेचर
जिम्बाब्वे के अनुभवी डंकन फ्लेचर ने 2011 में भारत की ऐतिहासिक विश्व कप जीत के बाद गैरी कर्स्टन का स्थान लिया। उनके कोच रहते वनडे और टी20 में भारत का प्रदर्शन शानदार था, लेकिन टेस्ट में भारत का प्रदर्शन खराब रहा। हालांकि, उन्होंने भारत को इंग्लैंड में 24 साल बाद सीरीज जिताई। टेस्ट क्रिकेट में साल 2011-2012 भारत के लिए बुरे सपने जैसा था। फ्लेचर का कोचिंग करियर 2014 में समाप्त हो गया, जब भारत को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दोनों ने विदेशी दौरों पर नाकाम कर दिया। भारत 2015 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचा, जिसे ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में आयोजित किया गया था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया से हार गया।
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5. अजीत वाडेकर

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अजीत वाडेकर
पूर्व भारतीय कप्तान अजीत वाडेकर ने 1992 से 1996 तक राष्ट्रीय टीम को कोचिंग दी। मोहम्मद अजहरुद्दीन के साथ उन्होंने भारत की कुछ सबसे शानदार जीत दिलाई। भारत ने उनके कोच के रूप में कार्यकाल के दौरान घर पर इंग्लैंड को 3-0 से हराया और 1992 से 1994 तक रिकॉर्ड तोड़ 14 मैच जीते। टीम इंडिया ने एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसमें देश में हीरो कप, श्रीलंका में सिंगर वर्ल्ड सीरीज, विल्स वर्ल्ड सीरीज और भारत में टाइटन कप शामिल हैं।
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