हर साल इस दिन पर आज भी ऑस्ट्रेलिया में शिद्दत से शोक मनाया जाता है। ह्यूज के दोस्त और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क भी अपने दोस्त की मौत से गहरे सदमें में थे। उनका कहना था, ‘मुझे अगला मैच नहीं खेलना चाहिए था। मेरा करियर वहीं पर थम जाना चाहिए था। मैं तब टूट चुका था। मैं लंबे समय तक उसकी मौत के गम में डूबा रहा। मैंने तब शोक नहीं जताया क्योंकि मुझे उसके परिवार को देखना था और इसके अलावा मैं ऑस्ट्रेलियाई टीम का कप्तान भी था।’