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World Cup 2019: इन खिलाड़ियों पर होगी 125 करोड़ हिंदुस्तानियों की निगाहें, ऐसा रहा IPL में प्रदर्शन

Thu, 16 May 2019 02:44 PM IST
Mukesh Jha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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भारतीय विश्व कप टीम का IPL में प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
मुंबई की जीत के साथ ही लगभग डेढ़ महीने चला वाला IPL अब खत्म हो चुका है। दुनिया की इस सबसे बड़ी टी-20 लीग में बड़े-बड़े धुरंधरों ने जमकर पसीना बहाया। IPL के बाद अब क्रिकेट का डोज 30 मई से शुरू होने जा रहे विश्व कप से मिलेगा। दो बार का चैंपियन भारत इस बार भी अपनी दावेदारी ठोक रहा है। तो चलिए जानते हैं विश्व कप में सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानियों के उम्मीदों का बोझ लिए इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन IPL में कैसा रहा?
 

 
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SHIKHAR DHAWAN
शिखर धवन 

इस IPL में टीम इंडिया के गब्बर यानी शिखर धवन का बल्ला जमकर बोला। दिल्ली को दूसरे क्वालिफायर तक पहुंचाने में धवन बेहद अहम रहे। शिखर ने 16 मैचों में 521 रन बनाए और शीर्ष पांच बल्लेबाजों में शामिल रहे।
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rohit sharma
रोहित शर्मा

टीम इंडिया के हिटमैन ने जरूर अपनी कप्तानी में मुंबई को रिकॉर्ड चौथी बार IPL का सिकंदर बनाया, लेकिन बल्ले से वो कमाल नहीं दिखा पाए जिसकी उम्मीद उनसे की जा रही थ। हालांकि ये बात भी उतनी ही सही है।कि पिछले दो सीजन के मुकाबले। इस बार उनके बल्ले से ज्यादा रन निकले। टीम इंडिया को अगर वर्ल्ड कप में धाक जमानी है तो अपनी सलामी जोड़ी को सलामत रखना होगा। रोहित ने 15 मैचों में 31.15 की औसत के साथ 405 रन बनाए।

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विराट कोहली
विराट कोहली

अब जब बात मध्यक्रम की होगी तो टीम के कप्तान और धाकड़ बल्लेबाज विराट कोहली का नाम जेहन में सबसे पहले आता है। विराट शायद ही बीते आईपीएल को कभी याद करना चाहेंगे। वजह हैं उनके आंकड़ें। हालांकि, इस सीजन में न उनका बल्ला चला और न कप्तानी पर फिट बैठे। मगर वह कहते हैं न जख्मी शेर बेहद खतरनाक होता है। ऐसे में विराट की खुद को साबित करने की आग वर्ल्ड कप में कहीं दुश्मनों पर भारी न पड़ जाए। विराट ने IPL के 12वें सीजन के 14 मैचों में 33.14 की औसत से 464 रन बनाए। इस दौरान विराट ने 2 अर्धशतक बनाए।
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MS DHONI
एमएस धोनी

उम्रदराज खिलाड़ियों की फौज कही जाने वाली महेंद्र सिंह धोनी की टीम फाइनल तक पहुंची। धोनी का फाइनल में रनआउट होना ही चेन्नई को चैंपियन बनने से दूर कर बैठा, लेकिन इससे पहले ग्रुप मैचों में ये धोनी ही थे,जिनके प्रदर्शन से टीम अंक तालिका में शीर्ष पर जगह बनाने में कायम रही थी। धोनी इस IPL की भट्टी में एक बार फिर निखर कर निकले। माही के इस प्रदर्शन का फायदा निश्चित तौर पर टीम इंडिया को वर्ल्ड कप में मिलेगा। धोनी ने 12 मैचों मं 31.15 की औसत से 416 रन बनाए। इस दौरान धओनी ने 3 अर्धशतक लगाए।
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केदार जाधव
केदार जाधव

केदार के लिए आईपीएल का 12वां सीजन बुरा रहा। रन भी नहीं निकले और आखिरी लीग मैच में वह कंधा भी चोटिल कर बैठे। अब देखना होगा कि यह धाकड़ खिलाड़ी कितनी जल्दी फिट होकर अपनी लय हासिल कर पाता है। केदार ने IPL 2019 में 12 मैचों में सिर्फ 162 रन ही बना सके।
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hardik pandya
हार्दिक पांड्या और केएल राहुल

खिताब के प्रबल दावेदार भारत के लिए सबसे बड़ा फायदा हार्दिक पंड्या और केएल राहुल का प्रदर्शन रहा। बैन के बाद वापसी करते हुए दोनों ही खिलाड़ियों में गजब का बदलाव आया। पांड्या तो पावर हिटिंग की नई परिभाषा गढ़ रहे हैं। राहुल भी पंजाब को अक्सर अच्छी शुरुआत दिलाते नजर आए। दोनों ने इस सीजन में अच्छा प्रदर्शन किया। केएल राहुल के नाम 14 मैचों में 593 रन दर्ज हैं, जिसमें 1 शतक और 6 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, हार्दिक पांड्या ने अपने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। हार्दिक ने 15 मैचों में 405 रन के साथ-साथ 14 विकेट भी हासिल किए।

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VIJAY SHANKAR
विजय शंकर

विश्व कप टीम में सबसे बड़ी टेंशन नंबर चार पर ही थी। चयनकर्ताओं ने खूब माथापच्ची के बाद विजय शंकर पर दांव लगाया लेकिन तमिलनाडु के इस इस ऑलराउंडर के लिए ये आईपीएल खराब रहा। कई बार उन्हें जीत का हीरो बनने और खुद को साबित करने का मौका मिला,लेकिन फायदा नहीं उठा पाए। विजय शंकर से जो उम्मीद थी उस पर वो खड़े नहीं उतरे। शंकर ने 14 मैचों में बल्ले से 244 रन बनाए।

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dinesh karthik rishabh pant
दिनेश कार्तिक

कार्तिक ने कुछ-एक मैच में जिम्मेदारी भरी भारी खेली। 97 रन की एक पारी को छोड़ दें तो वह ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाए। वैसै भी माही अब मार रहा है। ऐसे में शायद ही उन्हें प्लेइंग इलेवन में खेलने का मौका मिले। कार्तिक ने इस सीजन में 15 मैचों में 31.15 की औसत के साथ केवल 253 रन ही बना सके, जिसमें 2 अर्धशतक शामिल है।

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रविंद्र जडेजा
रविंद्र जडेजा

एक पेसर की जगह टीम में जड्डू को तब जगह दी गई जब उनके खेल पर उंगलियां उठ रही थी। मगर अब सारे विरोधी शांत हैं। अपनी बल्लेबाजी की काबिलियत और कुलदीप के खराब खेल को देखते हुए शायद धोनी के इस खास खिलाड़ी को प्लेइंग इलेवन में जगह मिल जाएगी। जडेजा ने 16 मैचों में 6.35 की इकॉनमी के साथ 15 विकेट चटकाए।

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बुमराह-जडेजा और शमी
चलिए अब बात थोड़ी गेंदबाजों की भी कर लेते हैं। टीम मैनेजेंट मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह के कार्यभार को लेकर चिंतित होगा। लेकिन दोनों ने 19-19 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित कर दी। फाइनल में मैन ऑफ द मैच रहे बुमराह ने 14 रन देकर दो विकेट लिए। इंग्लैंड की सीम-स्विम कंडीशन में बुमराह विराट का ट्रंप कार्ड बताए जा रहे हैं। अब बात करते हैं स्विंग के सुल्तान भुवनेश्वर कुमार की। भुवी हालांकि ज्यादा सफल नहीं रहे, लेकिन उम्मीद है कि इंग्लैंड की कंडीशन में टीम इंडिया का यह पेसर सफल रहेगा।
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कुलदीप और चहल
कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल

कभी टीम इंडिया के मिस्ट्री स्पिनर कहलाए जाने वाले कुलदीप यादव की फिरकी इस IPL नहीं चली। 9 मैच के बाद केकेआर ने खराब फॉर्म के कारण कुलदीप यादव को टीम में जगह ही नहीं दी। अनजान बल्लेबाजों ने भी इस अबूझ स्पिनर को जमकर धोया। यह संदेश टीम इंडिया के लिए शुभ नहीं। मगर परेशान होने की जरूरत नहीं। क्योंकि युजवेंद चहल ने 14 मैचों में 18 विकेट लिए। इकॉनमी भी ठीक-ठाक ही रही। ऐसे में कुलदीप की बिगड़ी लय को देख चहल पर जिम्मेदारी बढ़ सकती है। चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप ने 9 मैचों में सिर्फ 4 विकेट हासिल किए। वहीं, युजवेंद्र चहल ने 14 मैचों में 7.82 इकॉनमी के साथ 18 विकेट अपने नाम किए।
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